Ranchi: राजधानी रांची के धुर्वा स्थित ऐतिहासिक जगन्नाथपुर मंदिर (Ranchi Jagannath Rath Mela 2026) में इस वर्ष भी आस्था, संस्कृति और परंपरा का भव्य संगम देखने को मिलेगा।
16 जुलाई 2026 से ऐतिहासिक जगन्नाथपुर रथ मेला शुरू होगा, जो 25 जुलाई तक चलेगा। लगभग 335 वर्ष पुरानी विरासत को समेटे यह मेला इस बार आधुनिक आकर्षणों, विशाल झूलों और पारंपरिक सांस्कृतिक रंगों के साथ श्रद्धालुओं का स्वागत करेगा।
Ranchi Jagannath Rath Mela 2026 : 16 जुलाई को मौसीबाड़ी के लिए प्रस्थान करेंगे भगवान जगन्नाथ
रथ यात्रा के दिन भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा मुख्य मंदिर से भव्य रथ पर सवार होकर मौसीबाड़ी के लिए प्रस्थान करेंगे। इसके बाद 25 जुलाई को घुरती रथ यात्रा के साथ भगवान पुनः मुख्य मंदिर लौटेंगे। इस दौरान 10 दिनों तक मेला 24 घंटे संचालित रहेगा।
पहली बार होंगे आधुनिक आकर्षण
इस वर्ष मेले को और अधिक आकर्षक बनाने के लिए कई नए मनोरंजन साधन जोड़े गए हैं।
- पहली बार 80 फीट ऊंचा स्क्रीन टावर झूला
- ग्रेविटी झूला
- 90 डिग्री मूवमेंट वाला प्रिंस झूला
- युवाओं के लिए ब्रेक डांस राइड
- रोबोटिक जंगल सफारी विशेष आकर्षण होगी।
Ranchi Jagannath Rath Mela 2026 : 2,000 से अधिक स्टॉल और पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद
मेले में इस बार 2,000 से अधिक स्टॉल लगाए जाएंगे, जहां हस्तशिल्प, घरेलू उपयोग की वस्तुएं और पारंपरिक उत्पाद उपलब्ध रहेंगे। इसके अलावा झारखंड के प्रसिद्ध व्यंजन अनरसा, ठेकुआ समेत कई स्थानीय स्वाद के लाइव फूड स्टॉल भी लोगों को आकर्षित करेंगे।
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Ranchi Jagannath Rath Mela 2026: 335 साल पुरानी विरासत
धुर्वा की पहाड़ी पर स्थित जगन्नाथपुर मंदिर का निर्माण 1691 में नागवंशी राजा ठाकुर एनीनाथ शाहदेव ने कराया था। मंदिर की वास्तुकला ओडिशा के पुरी स्थित श्रीजगन्नाथ मंदिर की कलिंग शैली से प्रेरित है।
सामाजिक समरसता की अनूठी परंपरा
मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता इसकी सामाजिक समरसता की परंपरा है। रथ निर्माण और पूजा-अर्चना की जिम्मेदारियां वर्षों पहले समाज के विभिन्न वर्गों—उरांव, मुंडा, लोहरा, कुम्हार समेत अन्य समुदायों—को सौंपी गई थीं। यह परंपरा आज भी पूरी श्रद्धा और सम्मान के साथ निभाई जा रही है।
ट्रैफिक और सुरक्षा के विशेष इंतजाम
रथ मेले में लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए रांची ट्रैफिक पुलिस ने विशेष रूट डायवर्जन, पार्किंग व्यवस्था और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
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