
Patna: लोकसभा में विपक्ष के नेता Rahul Gandhi ने सोमवार को बिहार कांग्रेस नेताओं के साथ बैठक में स्पष्ट संकेत दिया कि अगर महागठबंधन के दल अलग-अलग चुनाव लड़ते हैं, तो एनडीए को हराना संभव नहीं होगा।
बिहार के युवाओं में जोश है, कुछ कर दिखाने का – और सरकार के ख़िलाफ़ आक्रोश है, उन्हें अवसर और समर्थन नहीं दिलाने का।
“पलायन रोको, नौकरी दो” यात्रा में आज बेगूसराय की सड़कों पर हज़ारों युवाओं की भावना, उनका कष्ट और संकल्प साफ़ दिखा।
बेरोज़गारी और पलायन के खिलाफ ये आवाज़ अब बदलाव… pic.twitter.com/jKAx8BFQD9
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) April 7, 2025
उन्होंने जोर दिया कि एनडीए को पराजित करने के लिए विपक्षी दलों को एकजुट होकर चुनाव लड़ना ही होगा।
पटना स्थित सदाकत आश्रम में आयोजित इस बैठक में राहुल गांधी ने जिलाध्यक्षों और वरिष्ठ नेताओं को संबोधित करते हुए कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव न केवल राज्य के लिए, बल्कि पूरे देश के लिए अहम है। उन्होंने कहा कि परिवर्तन की राह बिहार से होकर ही गुजरती है।
कथनी और करनी में फर्क न हो: Rahul Gandhi
राहुल ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे कहने और करने में फर्क न रखें और पूरी ईमानदारी से पार्टी के लिए काम करें। उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस कार्यकर्ता पूरी निष्ठा से काम करेंगे, तो सफलता निश्चित है।
गांव-गांव जाकर लोगों से जुड़ें: Rahul Gandhi
राहुल गांधी ने कांग्रेसजनों से आग्रह किया कि वे गांवों में जाकर चौपाल लगाएं, लोगों की समस्याएं सुनें और आंदोलनों के माध्यम से समाधान की राह बनाएं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता उन लोगों तक भी पहुंचें जिनकी राजनीतिक प्रतिबद्धता किसी और दल से है।
उन्होंने दलितों, पिछड़ों, अल्पसंख्यकों और वंचित तबकों के अलावा गरीब सवर्णों को भी संगठन से जोड़ने की बात कही। इसके साथ ही उन्होंने जातिगत जनगणना और आरक्षण की सीमा बढ़ाने जैसे मुद्दों को लेकर लोगों के बीच जनजागरण अभियान चलाने का निर्देश दिया।
सोशल मीडिया फॉलोअर्स से तय हो सकता है टिकट: Rahul Gandhi
बैठक में एक दिलचस्प बात यह रही कि मंच पर राहुल गांधी के आने से पहले पार्टी की आईटी टीम ने कार्यकर्ताओं को बताया कि इंटरनेट मीडिया पर सक्रियता अब चुनावी राजनीति का अहम हिस्सा बन चुकी है।
टीम के एक सदस्य ने यहां तक कहा कि अगर कोई विधानसभा चुनाव में टिकट चाहता है, तो उसके सोशल मीडिया पर कम से कम 50,000 फॉलोअर्स होने चाहिए। इससे पार्टी टिकट देने में प्राथमिकता दे सकती है।
कांग्रेस नेतृत्व एकजुटता पर दे रहा ज़ोर
प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार ने भरोसा दिलाया कि बिहार कांग्रेस AICC के दिशा-निर्देशों का पालन कर रही है और कार्यकर्ता पूरी ईमानदारी से मेहनत में जुटे हैं। बैठक में प्रभारी कृष्णा अल्लाबारू, पूर्व अध्यक्ष डॉ. अखिलेश प्रसाद सिंह, डॉ. मदन मोहन झा और शकील अहमद खान जैसे कई वरिष्ठ नेता मंच पर उपस्थित रहे।
राहुल गांधी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब विपक्षी एकता पर कई सवाल उठ रहे हैं। उनकी यह स्पष्ट चेतावनी बिहार की सियासी चालों में एक नया मोड़ ला सकती है।



