MMDR Amendment: कांग्रेस का विरोध बेबुनियाद, मुद्दाविहीन है पार्टी: आदित्य साहू

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने MMDR संशोधन अधिनियम पर कांग्रेस के विरोध को बेबुनियाद बताया। उन्होंने झारखंड में कोयला और आयरन ओर सेस को लेकर राज्य सरकार पर भी सवाल उठाए।

MMDR संशोधन पर कांग्रेस का विरोध बेबुनियाद, मुद्दाविहीन है पार्टी: आदित्य साहू

Ranchi: भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने MMDR संशोधन अधिनियम को लेकर कांग्रेस के विरोध पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कांग्रेस के विरोध को “बेतुका और बेबुनियाद” बताते हुए कहा कि पार्टी असली मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है। आदित्य साहू गुरुवार को रांची स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र लोकलाज से चलता है और कांग्रेस बार-बार अच्छे कानूनों और नीतियों को तोड़-मरोड़कर जनता के सामने पेश कर रही है। उनके अनुसार, कांग्रेस का यह रवैया जनता को भ्रमित करने की राजनीति का हिस्सा है।

‘पूरे देश में कहीं MMDR का विरोध नहीं’

आदित्य साहू ने दावा किया कि MMDR संशोधन अधिनियम का देशभर में कहीं व्यापक विरोध नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासित राज्यों में भी इस कानून का विरोध नहीं किया जा रहा, लेकिन झारखंड में कांग्रेस इसके नाम पर लोगों को गुमराह कर रही है।

उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में छात्र आंदोलन, छात्रों पर दर्ज मामलों और पुलिस कार्रवाई जैसे मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए कांग्रेस MMDR संशोधन को राजनीतिक मुद्दा बना रही है।

‘कांग्रेस ने झारखंड को ATM बनाकर रखा’

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस ने झारखंड को “एटीएम” बनाकर रखा है। उन्होंने दावा किया कि MMDR संशोधन का विरोध करने के पीछे कांग्रेस की अपनी राजनीतिक और आर्थिक चिंताएं हैं।

आदित्य साहू ने आरोप लगाया कि कोयले से जुड़ी कथित “काली कमाई” प्रभावित होने की आशंका के कारण कांग्रेस इस कानून का विरोध कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता कांग्रेस के इस अभियान का राजनीतिक स्तर पर जवाब देंगे और लोगों के बीच जाकर कानून के बारे में जानकारी देंगे।

कोयला और आयरन ओर के सेस पर उठाए सवाल

आदित्य साहू ने झारखंड में खनिजों पर लगाए जा रहे सेस को लेकर भी राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि झारखंड के उद्यमियों को पड़ोसी राज्यों की तुलना में महंगे दाम पर कोयला और आयरन ओर मिल रहा है।

उन्होंने दावा किया कि आयरन ओर पर 600 रुपये और कोयले पर 450 रुपये प्रति टन सेस लिया जा रहा है। भाजपा नेता ने सवाल उठाया कि जब पड़ोसी राज्यों में सेस की दर कम है तो झारखंड में इतनी अधिक दर क्यों रखी गई है।

BCCL की स्थिति पर भी सरकार को घेरा

आदित्य साहू ने बताया कि हाल में उनकी केंद्रीय कोयला मंत्री से मुलाकात हुई थी। उनके अनुसार, बातचीत में मंत्री ने BCCL की वित्तीय स्थिति और कथित कोयला चोरी को लेकर चिंता जताई।

उन्होंने कहा कि खनिज संपदा और कोयला क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर राज्य सरकार को पारदर्शिता और जवाबदेही

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