HeadlinesJharkhandStatesTrending

4.82 लाख किसानों का कर्ज माफ, खातों में पहुंचे ₹1,785 करोड़ से ज्यादा

झारखंड कृषि ऋण माफी योजना के तहत 4,82,380 पात्र किसानों को राहत मिली है। सरकार के अनुसार किसानों के खातों में 1,785 करोड़ रुपये से अधिक की राशि पहुंचाई गई।

झारखंड कृषि ऋण माफी योजना: 4.82 लाख किसानों को मिली राहत, खातों में पहुंचे 1,785 करोड़ से अधिक रुपये

Ranchi: झारखंड के किसानों को कर्ज के बोझ से राहत देने के लिए संचालित ‘झारखंड कृषि ऋण माफी योजना’ के तहत बड़ी संख्या में किसानों को लाभ मिला है। सरकार के अनुसार योजना के तहत प्राप्त 5,01,620 ऑनलाइन और ऑफलाइन आवेदनों की जांच के बाद 4,82,380 किसानों को ऋण माफी का लाभ दिया गया है। पात्र किसानों के खातों में सीधे भुगतान किया गया है।

सरकार की ओर से जारी जिलेवार आंकड़ों के मुताबिक, राज्यभर में इस योजना के तहत 1,785 करोड़ रुपये से अधिक की राशि किसानों को ऋण राहत के रूप में दी गई है।

देवघर में सबसे अधिक 135 करोड़ रुपये की राहत

जिलेवार आंकड़ों में देवघर के किसानों को सबसे अधिक राशि मिली है। यहां पात्र किसानों के बीच 135 करोड़ रुपये की ऋण माफी की गई है। इसके बाद पलामू में 133.40 करोड़ रुपये और गढ़वा में 114.01 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई।

राजधानी रांची के किसानों को भी योजना के तहत 103.72 करोड़ रुपये की राहत मिली है, जबकि हजारीबाग में 102.70 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है।

इन जिलों में भी किसानों को मिली बड़ी राहत

  • बोकारो: 60.35 करोड़ रुपये
  • चतरा: 81.78 करोड़ रुपये
  • धनबाद: 36.23 करोड़ रुपये
  • दुमका: 91.45 करोड़ रुपये
  • पूर्वी सिंहभूम: 93.55 करोड़ रुपये
  • गिरिडीह: 91.51 करोड़ रुपये
  • गोड्डा: 74.51 करोड़ रुपये
  • गुमला: 43.69 करोड़ रुपये
  • जामताड़ा: 79.46 करोड़ रुपये
  • खूंटी: 23.91 करोड़ रुपये
  • कोडरमा: 38.40 करोड़ रुपये
  • लातेहार: 50.07 करोड़ रुपये
  • लोहरदगा: 38.62 करोड़ रुपये
  • पाकुड़: 29.64 करोड़ रुपये
  • रामगढ़: 29.57 करोड़ रुपये
  • साहिबगंज: 58.74 करोड़ रुपये
  • सरायकेला-खरसावां: 74.76 करोड़ रुपये
  • सिमडेगा: 21.79 करोड़ रुपये
  • पश्चिमी सिंहभूम: 90.64 करोड़ रुपये

कर्ज के बोझ से किसानों को राहत देने की कोशिश

कृषि ऋण माफी योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर किसानों को संस्थागत कृषि ऋण के बोझ से राहत देना है। आवेदन मिलने के बाद पात्रता की जांच की गई और योग्य पाए गए किसानों को सीधे उनके बैंक खातों में राशि उपलब्ध कराई गई।

सरकार का दावा है कि योजना से किसानों को आर्थिक राहत मिलने के साथ खेती-किसानी को आगे बढ़ाने में भी मदद मिलेगी। ऋण के बोझ से राहत मिलने के बाद किसान अपनी कृषि गतिविधियों पर अधिक ध्यान दे सकेंगे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button