Lead to gold: सीसे को सोने में बदलने में सफल हुए वैज्ञानिक, ब्रह्मांड की शुरुआत को समझने में मिल सकती है मदद

ज्यूरिख — वैज्ञानिकों ने इतिहास रचते हुए पहली बार भारी धातु सीसे (Lead) को सोने (Gold) (Lead to gold) में बदलने में सफलता हासिल की है।

यह उपलब्धि स्विट्ज़रलैंड स्थित विश्वप्रसिद्ध वैज्ञानिक संस्थान सीईआरएन (CERN) में चल रही ALICE परियोजना के तहत हासिल हुई है। संबंधित शोध को प्रतिष्ठित विज्ञान पत्रिका फिजिकल रिव्यू सी (Physical Review C) में प्रकाशित किया गया है।

Lead to gold: कैसे बदला सीसा सोने में?

वैज्ञानिकों ने सीसे के नाभिकों को लगभग प्रकाश की गति से एक-दूसरे से टकराया। जब टक्कर हुई, तो सीसे के नाभिक (जिसमें 82 प्रोटॉन होते हैं) से 3 प्रोटॉन बाहर निकल गए। इस प्रक्रिया के बाद नाभिक में 79 प्रोटॉन शेष रह गए, जो कि सोने के नाभिक की विशेषता है।

यह चमत्कारी प्रक्रिया इलेक्ट्रोमैग्नेटिक डिसोसिएशन कहलाती है, जिसमें उच्च विद्युत और चुंबकीय बल के कारण कण विघटित हो जाते हैं।

यह भी पढ़े: Maiya Samman Yojana: 15 मई को महिलाओं के खाते में आएंगे ₹5000, जानें डिटेल्स

Lead to gold: सोना तो बना, पर…

हालांकि, वैज्ञानिकों द्वारा निर्मित यह सोना बेहद अस्थिर है और एक पल के अति सूक्ष्म अंश (फेम्टोसेकंड) में ही विघटित हो जाता है। इसलिए इसे व्यावसायिक स्तर पर उपयोग नहीं किया जा सकता।

Lead to gold: 86 अरब टक्करें, सिर्फ 29 पिकोग्राम सोना

वर्ष 2015 से 2018 के बीच वैज्ञानिकों ने 86 अरब बार टक्कर प्रयोग किए, जिससे मात्र 29 पिकोग्राम सोना बना — यानी एक ग्राम का एक लाख करोड़वां हिस्सा। हालांकि, अब तकनीक में सुधार के बाद वैज्ञानिक हर सेकंड में 89,000 सोने के कण तैयार करने में सक्षम हैं, जिन्हें आंखों से देखा जा सकता है।

क्यों है यह खोज अहम?

यह प्रयोग केवल एक वैज्ञानिक चमत्कार नहीं, बल्कि ब्रह्मांड के जन्म को समझने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इन टक्करों से बना क्वार्क-ग्लूऑन प्लाज्मा (QGP) उस अवस्था को दर्शाता है, जब बिग बैंग के तुरंत बाद ब्रह्मांड केवल गर्म और घने पदार्थ से भरा हुआ था।

इससे वैज्ञानिक यह पता लगा सकते हैं कि ब्रह्मांड की शुरुआत कैसे हुई, प्रारंभिक समय में क्या स्थितियां थीं और ब्रह्मांड समय के साथ कैसे विकसित हुआ।

 

 

 

 

 

 

यह भी पढ़े: बिहार: Rahul Gandhi पर दरभंगा में दो सरकारी मुकदमे दर्ज, बिना अनुमति आंबेडकर हॉस्टल जाने का आरोप

Exit mobile version