
JPSC परीक्षा विवाद: देर रात जयपाल सिंह स्टेडियम पहुंचे DC-SSP, आंदोलनकारी छात्रों से की बातचीत
Ranchi: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और धांधली के खिलाफ रांची में छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम आंदोलन का प्रमुख केंद्र बना हुआ है, जहां बड़ी संख्या में अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर डटे हैं।
देर रात आंदोलन स्थल पहुंचे DC और SSP
मंगलवार देर रात करीब 1 बजे रांची के DC मंजूनाथ भजंत्री और SSP राकेश रंजन जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम स्थित धरना स्थल पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने आंदोलनरत छात्रों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं और मांगें सुनीं।
प्रशासनिक अधिकारियों के देर रात आंदोलन स्थल पहुंचने को छात्रों के साथ संवाद बनाए रखने और स्थिति का जायजा लेने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। अधिकारियों ने छात्रों से बातचीत कर मौजूदा हालात की जानकारी ली।
विधानसभा घेराव के बाद छात्रों ने बदली रणनीति
इससे पहले सोमवार को JPSC-JSSC परीक्षा विवाद को लेकर छात्रों ने विधानसभा घेराव का प्रयास किया था। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति बनी थी। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल की बात कही थी।
घटना के बाद मंगलवार को आंदोलनकारी छात्रों ने अपनी रणनीति में बदलाव किया और शांतिपूर्ण एवं अहिंसक तरीके से विरोध दर्ज कराया।
सैकड़ों छात्रों ने निकाला मौन जुलूस
मंगलवार शाम जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से छात्रों ने मौन जुलूस निकाला। जुलूस शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए अल्बर्ट एक्का चौक तक पहुंचा।
जुलूस से पहले छात्र नेताओं ने सभी प्रदर्शनकारियों से अनुशासन बनाए रखने और नारेबाजी या किसी तरह के विवाद से बचने की अपील की थी। छात्रों ने बिना नारेबाजी के शांतिपूर्ण तरीके से मार्च किया।
मांगों पर अड़े छात्र
आंदोलनकारी अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगों में JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कार्रवाई और परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करना शामिल है।
छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर सरकार की ओर से ठोस और स्पष्ट पहल नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
वहीं, देर रात DC और SSP के आंदोलन स्थल पहुंचने से प्रशासन और छात्रों के बीच संवाद की संभावना फिर से बढ़ी है। अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में सरकार और आंदोलनरत छात्रों के बीच इस विवाद का कोई समाधान निकलता है या नहीं।



