रोजगार का महासंकल्प: झारखंड के 71,767 युवाओं को मिला रोजगार, रांची और पूर्वी सिंहभूम सबसे आगे
रांची: झारखंड में रोजगार सृजन की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की गई है। राज्य सरकार द्वारा आयोजित विभिन्न रोजगार मेलों के माध्यम से अब तक 71,767 युवाओं को विभिन्न निजी एवं औद्योगिक संस्थानों में रोजगार उपलब्ध कराया गया है। यह पहल युवाओं को स्वरोजगार और निजी क्षेत्र में रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
आंकड़ों के अनुसार, कुल चयनित युवाओं में 61,508 पुरुष (85.7%) और 10,257 महिलाएं (14.3%) शामिल हैं। इससे स्पष्ट होता है कि राज्य में रोजगार के अवसरों का लाभ बड़ी संख्या में युवा उठा रहे हैं।
शैक्षणिक योग्यता के आधार पर रोजगार
रोजगार मेलों में विभिन्न शैक्षणिक योग्यता वाले युवाओं को अवसर मिला। इनमें सबसे अधिक चयन 12वीं पास अभ्यर्थियों का हुआ।
- 12वीं पास: 25,976
- स्नातक (Graduate): 18,524
- 10वीं पास: 17,968
- आईटीआई (ITI): 3,704
- डिप्लोमा धारक: 2,272
- पोस्ट ग्रेजुएट: 1,897
इससे स्पष्ट है कि सामान्य शिक्षा के साथ-साथ तकनीकी शिक्षा प्राप्त युवाओं को भी रोजगार के पर्याप्त अवसर मिले हैं।
रांची और पूर्वी सिंहभूम सबसे आगे
जिलावार आंकड़ों में रांची ने सबसे अधिक 7,947 युवाओं को रोजगार दिलाकर पहला स्थान हासिल किया। वहीं पूर्वी सिंहभूम में 7,452 युवाओं का प्लेसमेंट हुआ। इसके अलावा धनबाद (6,284) और दुमका (4,777) भी रोजगार उपलब्ध कराने वाले प्रमुख जिलों में शामिल रहे।
जिलावार प्लेसमेंट का आंकड़ा
- रांची – 7,947
- पूर्वी सिंहभूम – 7,452
- धनबाद – 6,284
- दुमका – 4,777
- पश्चिमी सिंहभूम – 3,606
- हजारीबाग – 3,475
- गुमला – 3,205
- पाकुड़ – 3,080
- सरायकेला-खरसावां – 3,079
- सिमडेगा – 2,853
- बोकारो – 2,783
- खूंटी – 2,649
- गोड्डा – 2,295
- रामगढ़ – 2,118
- लातेहार – 2,034
- गढ़वा – 2,009
- लोहरदगा – 1,957
- गिरिडीह – 1,878
- पलामू – 1,851
- चतरा – 1,512
- साहेबगंज – 1,456
- जामताड़ा – 1,345
- कोडरमा – 1,066
- देवघर – 1,056
युवाओं के लिए नए अवसर
रोजगार मेलों के माध्यम से राज्य के हजारों युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में नौकरी मिलने से न केवल उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि राज्य में कौशल विकास और रोजगार सृजन की दिशा में भी सकारात्मक परिणाम देखने को मिल रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस तरह के रोजगार मेलों का नियमित आयोजन जारी रहा, तो आने वाले वर्षों में झारखंड में बेरोजगारी दर कम करने में महत्वपूर्ण सफलता मिल सकती है।
