दावोस (WEF) में झारखंड पर्यटन का डंका: “जोहार” के साथ दुनिया को निवेश और रोमांच का न्योता

रांची/दावोस: विश्व आर्थिक मंच (WEF 2026) की वार्षिक बैठक में मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में 25 वर्ष का “युवा झारखंड” अपने पर्यटन की भव्यता और निवेश की असीम संभावनाओं को वैश्विक पटल पर रखने के लिए तैयार है।

“प्रकृति के साथ सामंजस्यपूर्ण विकास” के विजन के साथ झारखंड दुनिया को एक ऐसी यात्रा का आमंत्रण दे रहा है, जो केवल भव्यता नहीं बल्कि आत्मीयता और सह-अस्तित्व पर आधारित है।

झरनों का शहर और पहाड़ों की रानी: अद्वितीय भौगोलिक पहचान

झारखंड की यात्रा छोटानागपुर पठार की गोद में बसे घने जंगलों, खुली घाटियों और मनमोहक जलप्रपातों की कहानी है।

जीवंत आदिवासी विरासत और कला

झारखंड का पर्यटन यहाँ की आदिवासी संस्कृति के बिना अधूरा है।

एडवेंचर और वाइल्डलाइफ का नया केंद्र

साहसिक पर्यटन के शौकीनों के लिए झारखंड एक उभरता हुआ पावरहाउस है:

  1. साहसिक गतिविधियाँ: ट्रेकिंग, रॉक क्लाइम्बिंग, वॉटरफॉल रैपलिंग और पैराग्लाइडिंग के लिए अनुकूल भौगोलिक संरचना।

  2. वन्यजीव अभयारण्य: पलामू टाइगर रिजर्व, दलमा हाथी अभयारण्य और महुआटांड़ भेड़िया अभयारण्य जैसे स्थल वाइल्डलाइफ लवर्स को आकर्षित कर रहे हैं।

आध्यात्मिक और ऐतिहासिक संगम

पवित्र बैद्यनाथ धाम (देवघर), बासुकीनाथ, रजरप्पा और देवड़ी मंदिर जैसे स्थल करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र हैं। साथ ही पलामू का किला और मलूटी मंदिर समूह इतिहास प्रेमियों को एक समृद्ध विरासत से जोड़ते हैं।

निवेश के लिए अनंत द्वार: दावोस में एजेंडा

मुख्यमंत्री का मुख्य उद्देश्य वैश्विक निवेशकों को यह बताना है कि झारखंड अब केवल खनिज नहीं, बल्कि सस्टेनेबल टूरिज्म (Sustainable Tourism) का केंद्र बन चुका है।

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