राँची | Jharkhand सरकार ने अपराध पीड़ितों को न्याय और संबल देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। ‘झारखंड पीड़ित मुआवजा योजना 2016’ के तहत अब विभिन्न अपराधों के पीड़ितों या उनके आश्रितों को दी जाने वाली वित्तीय सहायता की राशि तय कर दी गई है।
गृह, कारागार एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, मुआवजे के लिए अब जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) में आवेदन किया जा सकता है।
Jharkhand: अपराध के अनुसार तय की गई मुआवजा राशि
सरकार ने अलग-अलग श्रेणी के अपराधों के लिए न्यूनतम मुआवजे का प्रावधान किया है, जो इस प्रकार है:
| अपराध की श्रेणी | न्यूनतम मुआवजा राशि |
| रेप (बलात्कार) पीड़िता | ₹3,00,000 |
| एसिड अटैक (तेजाब हमला) | ₹3,00,000 |
| नाबालिग का यौन शोषण | ₹2,00,000 |
| अपराध के कारण मृत्यु होने पर | ₹2,00,000 |
| स्थायी विकलांगता (Permanent Disability) | ₹2,00,000 |
| 25% से अधिक जलने पर | ₹2,00,000 |
| मानव तस्करी पीड़ितों का पुनर्वास | ₹1,00,000 |
| आंशिक विकलांगता | ₹1,00,000 |
| यौन उत्पीड़न (अन्य मामले) | ₹50,000 |
| भ्रूण का नुकसान (Loss of Fetus) | ₹50,000 |
विशेष प्रावधान: यदि पीड़ित की आयु 14 वर्ष से कम है, तो मुआवजे की राशि को निर्धारित रकम से 50 प्रतिशत तक बढ़ाया जा सकता है।
Jharkhand: नगरपालिका अधिकारियों को मिलेगी राहत: 3 माह में बनेगी नियमावली
नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार ने विधानसभा में एक और महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि अगले तीन महीनों के भीतर ‘झारखंड नगरपालिका सेवा नियमावली 2025’ का गठन कर लिया जाएगा।
-
क्यों जरूरी है यह कदम? वर्ष 2022 में नियुक्त किए गए 65 सहायक नगर आयुक्त और कार्यपालक अधिकारियों को वर्तमान में वेतन भुगतान और सेवा संपुष्टि (Service Confirmation) में तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
-
वेतन संकट होगा दूर: नई नियमावली बनने से इन अधिकारियों को राज्यकर्मी की श्रेणी में स्पष्ट स्थान मिलेगा, जिससे उनके रुके हुए वेतन और अन्य प्रशासनिक बाधाएं दूर होंगी। विधायक अरूप चटर्जी ने इस मुद्दे को अल्पसूचित प्रश्न के जरिए सदन में उठाया था।
झारखंड सरकार के इन फैसलों से न केवल गंभीर अपराधों के पीड़ितों को समय पर आर्थिक सहायता मिल सकेगी, बल्कि प्रशासनिक अधिकारियों की लंबे समय से अटकी मांगों का भी समाधान होगा।
यह भी पढ़े: Jharkhand: गर्मी से पहले दुरुस्त होंगे खराब चापाकल, सरकार ने जारी किया टोल-फ्री नंबर; देवघर जलापूर्ति योजना को भी विस्तार



