
रांची | Jharkhand Rajya Sabha Election: झारखंड की राजनीति में इस समय राज्यसभा की दो सीटों को लेकर सरगर्मी तेज हो गई है। सत्ताधारी इंडिया ब्लॉक (INDIA Block) के भीतर ‘साख’ और ‘सीट’ की लड़ाई शुरू हो चुकी है।
कांग्रेस ने गठबंधन धर्म का हवाला देते हुए एक सीट पर अपना दावा ठोक दिया है, वहीं झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने सभी को चौंकाते हुए दोनों सीटों पर अपना प्रत्याशी उतारने की इच्छा जता दी है।
Jharkhand Rajya Sabha Election: कांग्रेस का तर्क: “त्याग हमने किया, अब झामुमो की बारी”
कांग्रेस के प्रदेश महासचिव राकेश सिन्हा ने राज्यसभा की एक सीट पर मजबूती से दावेदारी पेश की है। उनके दावों के पीछे तीन मुख्य तर्क हैं:
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गठबंधन का अंश: सिन्हा का कहना है कि कांग्रेस गठबंधन की एक अहम कड़ी है, इसलिए एक सीट पर उनका स्वाभाविक हक बनता है।
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छोटे भाई का त्याग: उन्होंने भाजपा को सत्ता से बाहर रखने के लिए कांग्रेस द्वारा किए गए ‘त्याग’ की याद दिलाई और कहा कि अब ‘बड़े भाई’ (झामुमो) को अपना बड़प्पन दिखाना चाहिए।
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केंद्रीय नेतृत्व की उम्मीद: कांग्रेस को उम्मीद है कि जब दोनों दलों का शीर्ष नेतृत्व बैठेगा, तो एक सीट उनके पाले में जरूर आएगी।
Jharkhand Rajya Sabha Election: झामुमो की रणनीति: “दोनों सीटों पर हमारी नजर”
कांग्रेस की दावेदारी पर झामुमो ने सीधे मना तो नहीं किया, लेकिन अपनी महत्वाकांक्षा जरूर जाहिर कर दी। झामुमो प्रवक्ता मनोज पांडेय ने कहा:
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पूर्ण अधिकार की इच्छा: झामुमो की मंशा दोनों सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने की है।
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हेमंत सोरेन की दक्षता: पार्टी को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की राजनीतिक सूझबूझ पर पूरा भरोसा है। उन्हें उम्मीद है कि वे सहयोगी दलों को तथ्यों के साथ मना लेंगे।
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शिबू सोरेन की विरासत: दिशोम गुरु शिबू सोरेन के निधन के बाद खाली हुई सीट पर झामुमो अपनी भावनात्मक और राजनीतिक दावेदारी को कमजोर नहीं होने देना चाहता।
सीटों का गणित: इंडिया ब्लॉक के पास बहुमत
झारखंड विधानसभा में कुल 81 सदस्य हैं। राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 28 विधायकों के समर्थन की आवश्यकता होती है।
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सत्ता पक्ष का पलड़ा भारी: इंडिया ब्लॉक (झामुमो: 34, कांग्रेस: 16, राजद: 04, माले: 02) के पास कुल 56 विधायक हैं। यह संख्या दोनों सीटें जीतने के लिए पर्याप्त है।
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एनडीए की मुश्किल: भाजपा और सहयोगियों के पास कुल 24 विधायक हैं, जो जीत के आंकड़े (28) से 4 कम हैं।
Jharkhand Rajya Sabha Election: “खेला” होने की आशंका?
भले ही आंकड़ों में महागठबंधन मजबूत दिख रहा हो, लेकिन भाजपा में शामिल हुए पूर्व मंत्री दुलाल भुइयां के ‘खेला होने’ वाले बयान ने सियासी हलचल बढ़ा दी है। यदि झामुमो और कांग्रेस के बीच सहमति नहीं बनी, तो राज्यसभा चुनाव काफी दिलचस्प और चुनौतीपूर्ण हो सकता है।



