
झारखंड के आदित्यपुर में शनिवार देर रात पुलिस (Jharkhand Police) ने अचानक बड़ी कार्रवाई करते हुए 25 अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस अधीक्षक, सराइकेला-खरसावां के नेतृत्व में जिलांतर्गत अपराध नियंत्रण रोकथाम हेतु विभिन्न कांडों में वांछित अपराधियों/वारंटियो की गिरफ्तारी एवं आरोप पत्रित अपराधियों के सत्यापन हेतु विगत रात्रि विशेष अभियान चलाते हुए 167 पुलिसकर्मियों की 24 टीमों द्वारा 100 से अधिक …(1/2) pic.twitter.com/Y9z7CWMp7v
— Saraikela Police (@SaraikelaPolice) May 31, 2025
इस संगठित छापेमारी अभियान में कुल 24 टीमें और 167 जवान शामिल थे। अपराधियों की गिरफ्तारी और पुलिस की रणनीति को लेकर जिले भर में हड़कंप मच गया है।
Jharkhand Police: कैसे हुआ ऑपरेशन?
पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार लुणायत के नेतृत्व में इस ऑपरेशन को अंजाम दिया गया। रातभर चले अभियान में आदित्यपुर और आसपास के क्षेत्रों में 100 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी हुई। सभी 24 टीमों में स्थानीय थानों के थानेदार, इंस्पेक्टर और डीएसपी शामिल थे।
इस अभियान का मकसद था:
- अपराधियों पर दबाव बनाना
- पुराने मामलों के आरोपियों को पकड़ना
- संदिग्धों का भौतिक सत्यापन करना
Jharkhand Police: गिरफ्तार अपराधियों की सूची
छापेमारी के दौरान गिरफ्तार हुए 25 अपराधियों में कई पुराने और कुख्यात नाम शामिल हैं। पुलिस द्वारा जारी सूची में कुछ प्रमुख नाम:
- सरफाजुल हक
- अमूल्य दास
- गाजी नायक
- साकेत जैन
- सद्दाम हुसैन
- रोहिना गोप
- राजकुमार गोप
- मोटा उरांव
- रतन नाग
- माहिपाल सिंह
- विभीषण रविदास (राजनगर थाना से)
- नुनू नायक
- आनंद सरदार
- आजादी उर्फ बुधु हेम्ब्रम
- मोटका सोय उर्फ मंगल
- जय सिंह मुंडा
- साजिद अंसारी
- रानी मुंडाइन
- मंटू मंडल उर्फ महाबीर मंडल
- बीरबल सिंह उर्फ खास सिंह
- भूषण पहाड़िया
आदि।
इसके अलावा 109 दागियों का सत्यापन भी किया गया।
क्यों जरूरी था यह अभियान?
पुलिस सूत्रों के अनुसार, हाल के दिनों में आदित्यपुर और सरायकेला क्षेत्र में अपराध दर में इज़ाफ़ा हुआ था। गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ वांछित अपराधी इलाके में सक्रिय हैं। इन्हीं सूचनाओं के आधार पर इतनी बड़ी छापेमारी की योजना बनाई गई थी।
Jharkhand Police: जनता का क्या कहना है?
स्थानीय निवासियों ने इस कार्रवाई की सराहना की है। लोगों का कहना है कि इससे अपराधियों में खौफ पैदा होगा और कानून व्यवस्था मजबूत होगी।
रिम्स-2 विवाद: बाबूलाल मरांडी की तीखी प्रतिक्रिया
इसी बीच झारखंड की राजनीति में रिम्स-2 निर्माण स्थल को लेकर एक और बड़ा विवाद सामने आया है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी शनिवार को नगड़ी पहुंचे और सरकार पर हमला बोलते हुए कहा:
“खेती की जमीन पर रिम्स-2 नहीं बनने देंगे। सरकार को ज़मीन चाहिए तो हम खुद देंगे। गरीबों का हक नहीं छीना जा सकता।”
मरांडी ने सवाल किया कि अगर खेती की जमीन ही नहीं बची तो सरकार किसके लिए अस्पताल बना रही है?
Jharkhand Police: सरकार की सफाई
इस पर हेमंत सोरेन सरकार के एक मंत्री ने बयान जारी करते हुए कहा:
“रिम्स-2 राज्य के स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए जरूरी है। किसानों की सहमति और उचित मुआवजा सुनिश्चित किया जाएगा। मरांडी जी राजनीति के लिए मुद्दा बना रहे हैं।”
- आदित्यपुर में 167 जवानों और 24 टीमों की छापेमारी ने साबित कर दिया कि झारखंड पुलिस अब अपराध पर सख्त रवैया अपनाए हुए है।
- दूसरी ओर, रिम्स-2 जैसे परियोजना पर सरकार और विपक्ष के बीच संघर्ष तेज होता जा रहा है।
झारखंड में अपराध नियंत्रण और विकास के दो अलग-अलग मोर्चों पर प्रशासन को चुनौती मिल रही है — लेकिन जनता की नजर अब नतीजों और पारदर्शिता पर है।
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