
JSSC CGL नियुक्ति रद्द करने के फैसले के खिलाफ ASO का प्रदर्शन, प्रोजेक्ट भवन के बाहर धरने पर बैठे कर्मचारी
Ranchi: झारखंड सरकार द्वारा JSSC CGL के माध्यम से हुई नियुक्तियों को रद्द करने के फैसले के बाद नवनियुक्त सहायक प्रशाखा पदाधिकारियों (ASO) में नाराजगी बढ़ गई है। बुधवार को बड़ी संख्या में ASO रांची स्थित प्रोजेक्ट भवन सचिवालय के बाहर जुटे और सरकार के फैसले के खिलाफ प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने कहा कि यदि नियुक्तियां रद्द की गईं तो वे न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे।
प्रोजेक्ट भवन के बाहर जुटे नवनियुक्त ASO
JSSC CGL नियुक्ति रद्द करने के फैसले की खबर के बाद बड़ी संख्या में सहायक प्रशाखा पदाधिकारी प्रोजेक्ट भवन पहुंचे। सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें सचिवालय के अंदर प्रवेश करने से रोक दिया। इसके बाद कर्मचारियों ने मुख्य गेट के सामने ही विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
नेपाल हाउस, एफएफपी बिल्डिंग और अन्य सरकारी कार्यालयों में कार्यरत ASO भी बाद में प्रोजेक्ट भवन के बाहर पहुंचे और आंदोलन में शामिल हुए। भारी बारिश के बावजूद कर्मचारी काफी देर तक सड़क पर डटे रहे।
‘दोषियों को सजा दें, हमारी नौकरी क्यों छीनी जा रही?’
प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का कहना है कि यदि भर्ती प्रक्रिया में किसी स्तर पर गड़बड़ी हुई है तो उसके जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन बिना दोष साबित हुए चयनित अभ्यर्थियों की नौकरी समाप्त करना उचित नहीं है।
कर्मचारियों ने सवाल उठाया कि जिन अभ्यर्थियों ने मेहनत और योग्यता के आधार पर परीक्षा पास की, उन्हें किसी दूसरे की कथित गलती की सजा क्यों दी जा रही है?
ASO बोले- अभी नियुक्ति रद्द होने की आधिकारिक जानकारी नहीं
आंदोलन कर रहे सहायक प्रशाखा पदाधिकारियों ने कहा कि उन्हें अभी तक नियुक्ति समाप्त करने से संबंधित कोई व्यक्तिगत नोटिस या आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। ऐसे में उनका कहना है कि वे अभी भी सरकारी सेवा में हैं और अपनी उपस्थिति दर्ज कराने का अधिकार रखते हैं।
कर्मचारियों ने प्रोजेक्ट भवन में प्रवेश कर उपस्थिति दर्ज कराने की कोशिश भी की, लेकिन सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें अंदर जाने की अनुमति नहीं दी।
सुरक्षाकर्मियों से हुई नोकझोंक
प्रदर्शन के दौरान ASO और सुरक्षाकर्मियों के बीच कुछ समय के लिए नोकझोंक भी हुई। कर्मचारी सचिवालय के अंदर जाने की मांग कर रहे थे, जबकि सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें मुख्य गेट पर रोक दिया।
बाद में सुरक्षा कर्मियों की ओर से कर्मचारियों से शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने और मुख्य गेट को बाधित नहीं करने की अपील की गई।
‘सरकार का फैसला नहीं मानेंगे, कोर्ट जाएंगे’
प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि वे सरकार के फैसले के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ेंगे। उनका कहना है कि उनकी नियुक्ति निर्धारित प्रक्रिया के तहत हुई है और कई मामलों में न्यायालय के आदेशों का भी पालन किया गया है।
ASO जन्मजय सिंह ने कहा कि उन्हें अभी तक कोई नोटिस नहीं मिला है। उन्होंने सरकार से अपील की कि कर्मचारियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए फैसले पर पुनर्विचार किया जाए।
प्रोजेक्ट भवन के सामने जारी रहेगा धरना
नवनियुक्त ASO ने अब प्रोजेक्ट भवन सचिवालय के सामने लगातार धरना देने की तैयारी शुरू कर दी है। प्रदर्शनकारियों की ओर से टेंट लगाया जा रहा है। उनका कहना है कि जब तक सरकार अपने फैसले पर पुनर्विचार नहीं करती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
बारिश में भी डटे रहे कर्मचारी
अपनी नौकरी बचाने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे कर्मचारी सुबह से शाम तक बारिश में भी सड़क पर डटे रहे। कई कर्मचारी रेनकोट और छाता लेकर पहुंचे थे, लेकिन लगातार बारिश के कारण वे पूरी तरह भीग गए।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग स



