
व्यवस्था और युवाओं के मुद्दे पर सरकार-विपक्ष आमने-सामने
Ranchi: झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र गुरुवार, 6 अगस्त से शुरू हो रहा है। 12 अगस्त तक चलने वाले इस सत्र में कुल पांच कार्य दिवस निर्धारित किए गए हैं। सत्र के हंगामेदार रहने के आसार हैं, क्योंकि JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, छात्र आंदोलन, कानून-व्यवस्था और विभिन्न जनहित के मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस होने की संभावना है।
JPSC-JSSC मुद्दे पर सरकार को घेरेगा विपक्ष
मानसून सत्र में विपक्ष JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों, परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता, छात्र आंदोलन और राज्य की कानून-व्यवस्था को प्रमुख मुद्दा बनाएगा। विपक्ष सरकार से पूरे मामले पर जवाब और कार्रवाई की मांग कर सकता है।
वहीं सत्ता पक्ष अपनी ओर से अब तक की गई जांच और कार्रवाई का पक्ष रखते हुए विपक्ष के आरोपों का जवाब देगा। साथ ही राष्ट्रीय स्तर पर चर्चित NEET पेपर लीक मामले का हवाला देकर केंद्र सरकार पर भी सवाल उठा सकता है।
केंद्र-राज्य के मुद्दे भी होंगे चर्चा में
सत्र के दौरान राज्य सरकार केंद्र पर छात्रवृत्ति मद की राशि, जल जीवन मिशन सहित अन्य योजनाओं के लिए पर्याप्त फंड जारी नहीं करने का मुद्दा भी उठा सकती है। इन विषयों पर सदन में राजनीतिक बहस तेज रहने की संभावना है।
मानसून सत्र का संभावित कार्यक्रम
6 अगस्त:
पहले दिन शोक प्रस्ताव के साथ सामान्य सरकारी कार्य संपन्न होंगे। राज्यपाल द्वारा स्वीकृत विधेयकों की जानकारी सदन के पटल पर रखी जाएगी।
7 अगस्त:
प्रश्नकाल के बाद वित्तीय वर्ष 2026-27 का पहला अनुपूरक बजट सदन में पेश किया जाएगा।
10 अगस्त:
प्रश्नकाल के बाद अनुपूरक बजट पर चर्चा होगी और संबंधित विनियोग विधेयक पारित कराया जाएगा।
11 अगस्त:
प्रश्नकाल के बाद विभिन्न राजकीय विधेयकों पर चर्चा और प्रस्तुति होगी।
12 अगस्त:
सत्र के अंतिम दिन प्रश्नकाल के बाद राजकीय विधेयकों के साथ गैर-सरकारी संकल्पों पर चर्चा की जाएगी।
सत्र पर रहेगी सबकी नजर
JPSC-JSSC विवाद, छात्र आंदोलन और विभिन्न राजनीतिक मुद्दों के कारण इस बार का मानसून सत्र राज्य की राजनीति के लिए अहम माना जा रहा है। सरकार और विपक्ष दोनों ने अपनी-अपनी रणनीति तैयार कर ली है। ऐसे में आने वाले दिनों में सदन के भीतर तीखी राजनीतिक नोकझोंक देखने को मिल सकती है।



