संथाल परगना के 70 निजी स्कूलों की समस्या दूर करने की पहल, शिक्षा सचिव से मिले प्रदीप यादव

झारखंड के निजी स्कूलों को राहत की उम्मीद, UDISE Code और जमीन कानून की समस्या पर पहल

Santhal Pargana News: संथाल परगना के 70 निजी स्कूलों की समस्या दूर करने की पहल, शिक्षा सचिव से मिले प्रदीप यादव

रांची: झारखंड के संथाल परगना क्षेत्र के करीब 70 निजी स्कूलों की समस्याओं को दूर करने की पहल की गई है। पोड़ैयाहाट के विधायक और कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने बुधवार को स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव उमाशंकर सिंह से मुलाकात कर इन स्कूलों से जुड़े मुद्दे उठाए। उन्होंने देवघर सहित पूरे संथाल परगना के निजी स्कूलों की समस्याओं को लेकर ज्ञापन भी सौंपा।

विधायक के अनुसार, स्कूलों को मुख्य रूप से UDISE Code और संथाल परगना काश्तकारी अधिनियम (SPT Act) से संबंधित दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इन समस्याओं का असर स्कूलों की प्रशासनिक प्रक्रिया और विद्यार्थियों की शिक्षा से जुड़े रिकॉर्ड पर पड़ रहा है।

UDISE Code नहीं मिलने से विद्यार्थियों को परेशानी

UDISE Code नहीं होने के कारण कुछ निजी स्कूलों के विद्यार्थियों को PEN/APAAR ID बनाने और डिजिटल शिक्षा से जुड़ी योजनाओं का लाभ लेने में कठिनाई हो रही है।

इससे विद्यार्थियों के शैक्षणिक रिकॉर्ड तैयार करने और शिक्षा से संबंधित विभिन्न प्रक्रियाओं में भी बाधा आ रही है। विधायक प्रदीप यादव ने इन समस्याओं का समाधान निकालने की जरूरत पर जोर दिया, ताकि बच्चों की पढ़ाई और शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित न हों।

SPT Act के कारण जमीन से जुड़े मामलों में दिक्कत

संथाल परगना क्षेत्र में लागू विशेष भूमि कानूनों के कारण निजी स्कूलों के लिए जमीन से जुड़े मामलों का समाधान करना चुनौतीपूर्ण हो रहा है। स्कूल संचालकों के मुताबिक, जमीन की व्यवस्था और हस्तांतरण से संबंधित प्रक्रियाओं में आने वाली कठिनाइयों से स्कूलों के संचालन पर असर पड़ रहा है।

प्रदीप यादव ने शिक्षा सचिव के सामने इस मुद्दे को उठाते हुए नियमों के दायरे में व्यावहारिक समाधान निकालने की आवश्यकता बताई।

निजी स्कूलों के प्रतिनिधियों ने विधायक को बताई थीं समस्याएं

प्रदीप यादव ने बताया कि हाल ही में देवघर के निजी स्कूलों के प्रतिनिधियों ने गोड्डा स्थित उनके आवास पर मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने UDISE Code और जमीन से जुड़े कानूनों के कारण आ रही समस्याओं की जानकारी दी थी।

स्कूल संचालकों से मिली जानकारी के बाद विधायक ने विभागीय सचिव के समक्ष मामला उठाया और समाधान के लिए पहल करने का अनुरोध किया।

दुर्गा पूजा के बाद समाधान की उम्मीद

विधायक के मुताबिक, शिक्षा सचिव उमाशंकर सिंह ने स्कूल संचालकों की समस्याओं को गंभीरता से सुना। उन्होंने भरोसा दिया कि मामले में मुख्यमंत्री के स्तर पर सकारात्मक पहल की जाएगी। दुर्गा पूजा के बाद समस्याओं के समाधान के लिए विशेष कदम उठाए जाने की बात भी कही गई।

प्रदीप यादव ने कहा कि बच्चों का भविष्य सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने नियमों का पालन करते हुए ऐसा व्यावहारिक समाधान निकालने पर जोर दिया, जिससे स्कूलों का संचालन सुचारू रहे और विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो।

फिलहाल, स्कूल संचालकों को विभाग की ओर से आगे की कार्रवाई और संभावित समाधान का इंतजार है।

↑
Exit mobile version