झारखंड में बड़ा समझौता: हेमन्त सोरेन की मौजूदगी में इंडियन बैंक से MoU

सरकारी कर्मियों को बड़ी सौगात: सैलरी अकाउंट और NHM पैकेज पर समझौता

झारखंड मंत्रालय में आज एक अहम पहल के तहत राज्य सरकार और बैंकिंग सेक्टर के बीच सहयोग की नई दिशा तय हुई। हेमन्त सोरेन की मौजूदगी में वित्त विभाग, झारखंड सरकार और Indian Bank के बीच दो महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।

यह समझौता राज्य सरकार के कर्मचारियों के लिए सैलरी अकाउंट पैकेज और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के कर्मियों के लिए वेतन खाता व HRIS पैकेज से जुड़ा है। इसका मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों को बेहतर बैंकिंग सुविधाएं, बीमा सुरक्षा और वित्तीय मजबूती प्रदान करना है।


कर्मचारियों को मिलेगा सीधा लाभ

इस MoU के तहत खासतौर पर स्वास्थ्य विभाग और NHM से जुड़े हजारों कर्मियों को फायदा मिलेगा। सरकार का मानना है कि यह पैकेज उनके लिए सिर्फ बैंकिंग सुविधा नहीं, बल्कि एक तरह की सुरक्षा कवच साबित होगा।

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि स्वास्थ्य कर्मी अक्सर जोखिम भरे हालात में काम करते हैं, खासकर महामारी जैसी परिस्थितियों में। ऐसे में उनके लिए वित्तीय सुरक्षा और बीमा कवर बेहद जरूरी है, ताकि वे बिना डर के अपनी जिम्मेदारियां निभा सकें।


विकास में बैंकों की भूमिका अहम

मुख्यमंत्री ने इस मौके पर कहा कि राज्य के सर्वांगीण और समावेशी विकास में बैंकों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने Indian Bank से अपेक्षा जताई कि वह सरकार के साथ मिलकर विकास के हर क्षेत्र में सहयोगी की भूमिका निभाए।

उन्होंने यह भी भरोसा जताया कि यह साझेदारी आगे चलकर सिर्फ कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि राज्य के व्यापक विकास में भी योगदान देगी।


डिजिटल बैंकिंग पर जोर

मुख्यमंत्री ने बदलते समय के साथ डिजिटल व्यवस्था के विस्तार की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में बैंकिंग सेवाएं और अधिक डिजिटल होंगी, जिससे सरकारी कर्मचारियों के साथ-साथ श्रमिक वर्ग भी सीधे जुड़ सकेगा।

उन्होंने NHM और स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों से अपील की कि वे इस विशेष पैकेज का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।


कई वरिष्ठ नेता रहे मौजूद

इस अवसर पर वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी, मुख्य सचिव अविनाश कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और Indian Bank के शीर्ष पदाधिकारी मौजूद रहे।


एक नई शुरुआत

यह समझौता सिर्फ एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि राज्य सरकार और बैंकिंग संस्थान के बीच एक मजबूत साझेदारी की शुरुआत है। इससे न सिर्फ कर्मचारियों को सुरक्षा और सुविधा मिलेगी, बल्कि झारखंड में वित्तीय समावेशन और डिजिटल प्रगति को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।

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