India ने नाकाम की पाकिस्तान की ड्रोन साजिश, जम्मू-पठानकोट समेत कई शहरों में अलर्ट

नई दिल्ली/जम्मू/पठानकोट – पाकिस्तान ने India पर एक बार फिर से छद्म युद्ध छेड़ने की कोशिश की, लेकिन भारतीय सुरक्षा बलों ने उसकी हर चाल को नाकाम कर दिया।

शुक्रवार देर रात पाकिस्तान की ओर से जम्मू, पठानकोट, पोखरण, फिरोजपुर और सांबा समेत कई संवेदनशील शहरों पर ड्रोन हमलों की कोशिश की गई, जिसे भारतीय एयर डिफेंस सिस्टम ने समय रहते नष्ट कर दिया।

इस हमले के जवाब में भारत ने ऑपरेशन ‘सिंदूर’ के तहत सख्त सैन्य कार्रवाई की है। वायु सेना ने पाकिस्तान के चार वायु रक्षा ठिकानों को टारगेट कर ध्वस्त कर दिया है। भारतीय सेना की ओर से कहा गया कि यह कार्रवाई आत्मरक्षा और संप्रभुता की रक्षा के लिए अनिवार्य थी।

India-Pak Tension: ब्लैकआउट, धमाके और सायरन: तनाव की तस्वीरें

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India-Pak Tension: 400 ड्रोन, 36 निशाने – तुर्की के ड्रोन से हमला

इससे पहले गुरुवार को पाकिस्तान ने तुर्की में बने “अस्सिगार्ड सोंगर” ड्रोन के माध्यम से भारत के सैन्य ठिकानों पर हमला करने की कोशिश की थी। 300 से 400 ड्रोन LOC के पार से भारत में भेजे गए, जिन्हें भारतीय सेना ने आसमान में ही मार गिराया। सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी ने बताया कि ये ड्रोन खुफिया जानकारी जुटाने के मकसद से भेजे गए थे।

नागरिक विमानों का ढाल की तरह इस्तेमाल

भारतीय अधिकारियों का कहना है कि पाकिस्तान ने हमले के दौरान अपने हवाई क्षेत्र को जानबूझकर बंद नहीं किया, बल्कि उड़ रहे नागरिक विमानों को ‘ह्यूमन शील्ड’ की तरह इस्तेमाल किया। इस कदम को “गैर-जिम्मेदाराना और अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन” बताया गया है।

भारत की तैयारी और जवाब

विदेश सचिव विक्रम मिस्री, सेना की प्रवक्ता कर्नल सोफिया कुरैशी, और वायुसेना की विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने दिल्ली में एक संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में कहा:

क्षेत्रीय और वैश्विक महत्व

इस ताजा संघर्ष ने न केवल भारत-पाक तनाव को नई ऊँचाई पर पहुँचा दिया है, बल्कि दक्षिण एशिया में सुरक्षा संतुलन और ड्रोन युद्ध नीति पर भी सवाल खड़े किए हैं। भारत की सूझबूझ से भरी सैन्य प्रतिक्रिया को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सराहा जा रहा है, वहीं पाकिस्तान की हरकतें राजनयिक दबाव और अलगाव की ओर ले जा सकती हैं।

यह संघर्ष केवल सीमा पर हो रही गोलीबारी नहीं है, बल्कि आधुनिक तकनीक, ड्रोन युद्ध और साइबर निगरानी का सम्मिलन है। भारत की संयमित लेकिन कठोर प्रतिक्रिया ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह न केवल रक्षा के लिए तैयार है, बल्कि जवाब देने की रणनीतिक क्षमता भी रखता है।

 

 

 

 

 

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