
नई दिल्ली | नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित 44वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले (IITF 2025) का गुरुवार को भव्य समापन हुआ। इस मौके पर ‘फोकस स्टेट’ के रूप में शामिल झारखंड ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है।
A glimpse into Jharkhand’s soul at IITF 2025—where tribal rhythms echo through vibrant costumes, handcrafted art speaks of timeless traditions, and every detail reflects the essence of our heritage. Truly a proud moment celebrating the unmatched cultural charm of our state.… pic.twitter.com/tAUCQD4Ecf
— Jharkhand Culture (@JharkhndCulture) November 27, 2025
राज्य को उसके उत्कृष्ट प्रदर्शन, नवाचार और सांस्कृतिक विविधता के लिए प्रतिष्ठित ‘स्वर्ण पदक’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान राज्य की कला, संस्कृति और औद्योगिक क्षमता के लिए एक गौरवपूर्ण क्षण है।
IITF 2025: आकर्षण का केंद्र बना झारखंड पवेलियन
मेले में झारखंड पवेलियन अपनी विशिष्ट थीम, शानदार सजावट और ‘लाइव डेमो’ के कारण शुरुआत से ही आगंतुकों और जूरी के आकर्षण का केंद्र बना रहा। पवेलियन ने झारखंड की नवाचार क्षमता और अद्भुत प्रस्तुति कौशल का लोहा मनवाया, जिसने निर्णायकों का दिल जीत लिया। अंतिम दिन भी पवेलियन में भारी भीड़ उमड़ी, जहां लोगों ने झारखंड की संस्कृति और तकनीक का जीवंत संगम देखा।
IITF 2025: तसर सिल्क और हस्तशिल्प की रही धूम
मेले में झारखंड के उत्पादों की बंपर बिक्री हुई। विशेष रूप से करियातपुर ब्रास वेयर, झारक्राफ्ट, तसर सिल्क, बांस शिल्प, फ्यूजन ज्वेलरी और आदिवासी हस्तनिर्मित उत्पादों को खरीदारों ने खूब पसंद किया। मेले के आखिरी दिन आकर्षक छूट के चलते स्टॉलों पर खरीदारों की लंबी कतारें लगी रहीं। यूपीआई (UPI) आधारित डिजिटल भुगतान ने खरीदारी को और सुगम बनाया।
पर्यटन और निवेश के खुले नए द्वार
पवेलियन में सूचना एवं जनसंपर्क, पर्यटन, उद्योग, रांची स्मार्ट सिटी और माटीकला बोर्ड सहित विभिन्न सरकारी विभागों के स्टॉलों ने दर्शकों को राज्य की विकास योजनाओं से अवगत कराया। इस सफल आयोजन ने न केवल झारखंड की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत किया है, बल्कि व्यापारियों और निवेशकों के लिए राज्य में नए अवसर भी प्रस्तुत किए हैं।



