अवैध खनन पर सख्त हुए CM हेमंत, बालू माफियाओं पर कार्रवाई के निर्देश

हेमंत सोरेन का बड़ा एक्शन प्लान: 300 बालू घाट जल्द होंगे चालू

हेमंत सोरेन की बड़ी समीक्षा बैठक, अवैध खनन पर सख्ती और 300 बालू घाट जल्द चालू करने के निर्देश

रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बुधवार को झारखंड मंत्रालय में खान एवं भू-तत्व विभाग और भवन निर्माण विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में राज्य के राजस्व बढ़ाने, अवैध खनन रोकने, बंद खदानों को चालू कराने और भवन निर्माण परियोजनाओं को समय पर पूरा करने को लेकर कई अहम निर्देश दिए गए।

मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि राज्य में अवैध खनन, ओवरलोडिंग और बालू माफियाओं पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि खनिज संपदा के पारदर्शी उपयोग से राज्य के राजस्व और रोजगार दोनों को बढ़ावा दिया जाए।

300 बालू घाट जल्द होंगे चालू

बैठक में मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में कुल 820 बालू घाट हैं, जिनमें से 300 घाटों का ऑक्शन हो चुका है। उन्होंने इन घाटों को जल्द से जल्द चालू कराने का निर्देश दिया ताकि राज्य को लगभग 3 हजार करोड़ रुपये तक का राजस्व मिल सके।

साथ ही शेष घाटों का भी जल्द ऑक्शन करने और अवैध बालू उठाव पर तकनीक आधारित निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए।

बंद खदानों पर सरकार सख्त

मुख्यमंत्री ने बीसीसीएल, सीसीएल और ईसीएल की बंद पड़ी खदानों की समीक्षा करते हुए कहा कि जहां उत्पादन बंद है वहां जल्द काम शुरू कराया जाए, अन्यथा लीज निरस्त कर दोबारा ऑक्शन किया जाए।

उन्होंने लंबे समय से निष्क्रिय पड़े कोल ब्लॉकों को लेकर भी नाराजगी जताई और आवश्यक अनुमति प्रक्रिया तेज करने को कहा।

गोल्ड माइनिंग बढ़ाने पर फोकस

बैठक में राज्य की 7 गोल्ड माइंस की भी समीक्षा की गई। वर्तमान में इन खदानों से करीब 20 किलो सालाना सोने का उत्पादन हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को उत्पादन बढ़ाने, तकनीकी बाधाएं दूर करने और नए गोल्ड ब्लॉकों के ऑक्शन की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि झारखंड में स्वर्ण भंडार की बड़ी संभावनाएं हैं और इस सेक्टर को मजबूत करने की जरूरत है।

JSMDC और JMECL को मजबूत करने की तैयारी

मुख्यमंत्री ने झारखंड राज्य खनिज विकास निगम (JSMDC) और झारखंड माइनिंग एंड एक्सप्लोरेशन कंपनी लिमिटेड (JMECL) के लिए अधिक खनिज क्षेत्र आरक्षित करने का निर्देश दिया।

उन्होंने कहा कि इससे राज्य को अधिक राजस्व मिलेगा और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। साथ ही JMECL में रिक्त पदों पर जल्द नियुक्ति करने को कहा गया।

छात्रावासों में कोयला आपूर्ति की तैयारी

मुख्यमंत्री ने राज्य के छात्रावासों और आवासीय विद्यालयों में ऊर्जा आपूर्ति को लेकर भी निर्देश दिए। एलपीजी संकट को देखते हुए उन्होंने कोयले को वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत के रूप में इस्तेमाल करने की संभावनाओं पर योजना बनाने को कहा।

इसके लिए छात्रावासों की मैपिंग कर व्यवस्थित कोयला आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

भवन निर्माण कार्यों में गुणवत्ता पर जोर

भवन निर्माण विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने सभी सरकारी भवनों और इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को तय समयसीमा में पूरा करने का निर्देश दिया।

उन्होंने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने पर जोर देते हुए कहा कि आधुनिक और टिकाऊ तकनीकों का इस्तेमाल किया जाए।

बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह, विभागीय सचिव अरवा राजकमल समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

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