असम में JMM का आभार संदेश: ‘यह सिर्फ चुनाव नहीं, हक और पहचान की लड़ाई है’
असम विधानसभा चुनाव के बाद झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने राज्य की जनता के प्रति आभार व्यक्त करते हुए अपने संघर्ष और राजनीतिक संकल्प को दोहराया है। पार्टी ने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद जो समर्थन मिला, वह भविष्य की दिशा तय करने वाला है।
जनता के सहयोग को बताया ताकत और प्रेरणा
JMM ने अपने संदेश में असम की जनता को धन्यवाद देते हुए कहा कि—
- सीमित समय और संसाधनों में जो भी संभव हो सका, वह जनता के सहयोग से ही संभव हुआ
- लोगों का विश्वास और सक्रिय भागीदारी पार्टी के लिए प्रेरणा और ऊर्जा का स्रोत है
- यह समर्थन आगे की राजनीतिक लड़ाई को और मजबूती देगा
सिर्फ चुनाव नहीं, सामाजिक संघर्ष का विस्तार
पार्टी ने स्पष्ट किया कि असम में चुनाव लड़ना केवल राजनीतिक विस्तार नहीं था, बल्कि—
- आदिवासी, दलित और अल्पसंख्यक समाज के अधिकारों की आवाज उठाने का प्रयास था
- ST दर्जा, चाय बागान मजदूरों की मजदूरी और जमीन अधिकार जैसे मुद्दों को केंद्र में रखा गया
- यह कदम सामाजिक न्याय और पहचान की लड़ाई को राष्ट्रीय स्तर तक ले जाने की पहल है
पहली कोशिश में मजबूत प्रदर्शन का दावा
JMM ने अपने चुनावी प्रदर्शन को सकारात्मक बताते हुए कहा—
- बिना किसी बड़े गठबंधन के 16 सीटों पर चुनाव लड़ा
- 2 सीटों पर दूसरे स्थान पर रही
- 7 सीटों पर 15 हजार से अधिक वोट हासिल किए
पार्टी के अनुसार, यह संकेत है कि असम में संगठन की पकड़ बननी शुरू हो गई है और आने वाले समय में यह और मजबूत होगा।
आगे की राह: संघर्ष जारी रहेगा
JMM ने अपने संदेश में कहा कि—
- यह सिर्फ चुनावी प्रक्रिया नहीं, बल्कि अस्तित्व और अधिकार की लड़ाई है
- जनता के विश्वास के साथ यह संघर्ष आगे भी जारी रहेगा
- आदिवासी समाज के मुद्दों को राष्ट्रीय मंच पर उठाने का प्रयास तेज किया जाएगा
निष्कर्ष
असम चुनाव के बाद JMM का यह संदेश साफ करता है कि पार्टी अपने विस्तार को सामाजिक न्याय और पहचान की राजनीति से जोड़कर देख रही है। सीमित संसाधनों के बावजूद मिले समर्थन को वह भविष्य के बड़े आधार के रूप में पेश कर रही है।
