आजसू से हरेलाल महतो का इस्तीफा, बोले- पार्टी छोड़ना कठिन था, कई दलों से बातचीत जारी
Ranchi: झारखंड की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। आजसू पार्टी के प्रमुख नेताओं में शामिल हरेलाल महतो ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता समेत सभी संगठनात्मक पदों से इस्तीफा दे दिया है। हरेलाल महतो ने पत्र जारी कर अपने इस्तीफे की घोषणा की है।
इस्तीफे के बाद अपने संदेश में हरेलाल महतो ने कहा कि आजसू पार्टी छोड़ने का फैसला उनके लिए आसान नहीं था। उन्होंने कहा कि पार्टी और आजसू पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष सुदेश महतो के प्रति उनके मन में हमेशा सम्मान रहेगा। पार्टी के किसी नेता या कार्यकर्ता के प्रति उनके मन में कोई द्वेष नहीं है।
पार्टी को नुकसान पहुंचाना उद्देश्य नहीं: हरेलाल महतो
हरेलाल महतो ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य पार्टी को किसी तरह का नुकसान पहुंचाना नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने आजसू के किसी कार्यकर्ता को पार्टी छोड़ने के लिए प्रेरित नहीं किया है।
उन्होंने अपने इस्तीफे के पीछे के कारणों का जिक्र करते हुए कहा कि इसके पीछे एक महत्वपूर्ण वजह है, लेकिन फिलहाल वह उसे सार्वजनिक करना उचित नहीं समझते। उन्होंने कहा कि झारखंड के विकास, अपने क्षेत्र की जनता और समर्थकों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए उन्हें यह कठिन निर्णय लेना पड़ा।
फिलहाल किसी दूसरे दल में शामिल होने का फैसला नहीं
आजसू से इस्तीफा देने के बाद हरेलाल महतो ने अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने कहा कि फिलहाल उनका किसी दूसरे राजनीतिक दल में शामिल होने का कोई इरादा नहीं है।
हालांकि, उन्होंने यह भी बताया कि कई राजनीतिक दलों से बातचीत चल रही है। अभी तक किसी दल में शामिल होने को लेकर अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।
हरेलाल महतो के मुताबिक, वह अपने क्षेत्र की जनता की राय और अपने गुरुजनों के मार्गदर्शन के बाद ही आगे की राजनीतिक रणनीति तय करेंगे।
आधिकारिक घोषणा से पहले कयासबाजी नहीं करने की अपील
हरेलाल महतो ने मीडिया से भी अपील की है कि जब तक उनकी ओर से किसी राजनीतिक दल में शामिल होने को लेकर आधिकारिक घोषणा नहीं की जाती, तब तक इस संबंध में किसी तरह की कयासबाजी या चर्चा से बचा जाए।
उनके इस्तीफे के बाद झारखंड के राजनीतिक गलियारों में उनके अगले कदम को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, फिलहाल हरेलाल महतो ने अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर कोई अंतिम फैसला सार्वजनिक नहीं किया है।
अब नजर इस बात पर रहेगी कि आने वाले दिनों में हरेलाल महतो किस राजनीतिक दिशा में आगे बढ़ते हैं और क्या किसी दल के साथ उनकी बातचीत अंतिम रूप लेती है।
