रिम्स किचन में LPG संकट: आधे सिलेंडर मिलने से मरीजों के भोजन पर असर

प्रशासन ने मांगी जिला प्रशासन से मदद, मेन्यू बदलने की तैयारी

रिम्स किचन में गैस संकट: आधे सिलेंडर मिलने से मरीजों के खाने पर असर, मेन्यू बदलने की तैयारी

रांची: राजधानी रांची स्थित रिम्स (राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान) के किचन में कॉमर्शियल एलपीजी गैस की कमी से मरीजों के भोजन व्यवस्था पर संकट गहराने लगा है। रिम्स का किचन संभाल रही एजेंसी को इन दिनों सामान्य से करीब 50 प्रतिशत कम गैस सिलेंडर मिल रहे हैं। ऐसे में अस्पताल में भर्ती मरीजों के सुबह के नाश्ते, दोपहर और रात के भोजन की व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।

सूत्रों के अनुसार, अगर जल्द ही गैस की आपूर्ति सामान्य नहीं हुई, तो रिम्स किचन के मेन्यू में बदलाव करना पड़ सकता है। ऐसे भोजन तैयार करने पर विचार किया जा रहा है, जिन्हें बनाने में कम ईंधन लगे और जल्दी तैयार हो जाएं, ताकि सीमित गैस में भी मरीजों को समय पर खाना मिल सके।

हर हाल में तीनों वक्त का खाना देने का निर्देश

रिम्स प्रशासन ने किचन संचालित करने वाली एजेंसी को साफ निर्देश दिया है कि मरीजों को किसी भी स्थिति में तीनों समय भोजन उपलब्ध कराया जाए। हालांकि प्रशासन ने यह भी कहा है कि गैस संकट को देखते हुए एजेंसी वैकल्पिक व्यवस्था भी तैयार रखे।

रिम्स प्रबंधन का कहना है कि गैस की किल्लत को दूर करने के लिए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से लगातार समन्वय किया जा रहा है। अस्पताल प्रबंधन ने रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री को भी पत्र लिखकर पर्याप्त गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है।

रोज 8 सिलेंडर की जरूरत, मिल रहे सिर्फ 3–4

जानकारी के मुताबिक, सामान्य दिनों में रिम्स किचन को एसके एजेंसी से रोज करीब 8 कॉमर्शियल गैस सिलेंडर मिलते हैं। लेकिन फिलहाल एजेंसी को सिर्फ 3 से 4 सिलेंडर ही मिल पा रहे हैं, जिससे किचन संचालन में दिक्कतें बढ़ गई हैं।

किचन में जल्द मिलेगा पीएनजी कनेक्शन

गैस संकट से निपटने के लिए रिम्स प्रशासन ने किचन में पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) कनेक्शन देने की प्रक्रिया तेज करने का निर्देश दिया है। बताया गया है कि किचन तक पीएनजी पाइपलाइन बिछाने का काम लगभग पूरा हो चुका है, सिर्फ कनेक्शन देना बाकी है।

पीएनजी कनेक्शन से पहले रिम्स प्रशासन को यह बताना होगा कि किचन में प्रतिदिन कितनी गैस की खपत होती है। इसके बाद किचन के अंदर पाइपलाइन बिछाकर कनेक्शन सक्रिय किया जाएगा।

इन गैस एजेंसियों पर करा सकते हैं मैन्युअल बुकिंग

ऑनलाइन बुकिंग में तकनीकी समस्या के कारण फिलहाल मैन्युअल बुकिंग की सुविधा भी दी गई है। उपभोक्ता इन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं—

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