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Godda Homeopathic College में 6 नए शिक्षकों की नियुक्ति, अब तक मिले 10 लेक्चरर

झारखंड सरकार ने गोड्डा राजकीय होम्योपैथिक महाविद्यालय एवं अस्पताल में 6 नए लेक्चररों की नियुक्ति की है।

गोड्डा होम्योपैथिक कॉलेज को मिले 6 नए शिक्षक, अब तक 10 लेक्चररों की नियुक्ति; पढ़ाई मजबूत करने पर सरकार का फोकस

Ranchi: झारखंड सरकार ने गोड्डा स्थित राजकीय होम्योपैथिक महाविद्यालय एवं अस्पताल में शिक्षकों की कमी दूर करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। कॉलेज में छह नए लेक्चररों की नियुक्ति की गई है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, इससे पहले भी चार लेक्चररों की नियुक्ति की जा चुकी है। इस तरह अब तक कॉलेज में कुल 10 शिक्षकों की नियुक्ति की गई है।

सरकार का कहना है कि नई नियुक्तियों से विद्यार्थियों की नियमित पढ़ाई सुनिश्चित करने के साथ कॉलेज में शैक्षणिक व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलेगी।

सरकारी मेडिकल और होम्योपैथिक संस्थानों को मजबूत करने पर जोर

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि सरकार का उद्देश्य झारखंड के विद्यार्थियों को बेहतर चिकित्सा शिक्षा उपलब्ध कराना और राज्य के सरकारी मेडिकल एवं होम्योपैथिक संस्थानों को मजबूत करना है।

उन्होंने कहा कि गोड्डा के राजकीय होम्योपैथिक महाविद्यालय एवं अस्पताल में जरूरी संसाधन और सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार काम कर रही है।

जल्द कॉलेज का दौरा करेंगे स्वास्थ्य मंत्री

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि वह जल्द ही गोड्डा स्थित कॉलेज का दौरा करेंगे। इस दौरान कॉलेज और अस्पताल की मौजूदा व्यवस्थाओं का जायजा लिया जाएगा।

भवन, शैक्षणिक संसाधन और अन्य बुनियादी सुविधाओं की स्थिति की समीक्षा के बाद जरूरत के अनुसार आगे के फैसले लिए जाएंगे।

छात्रों और शिक्षकों को बेहतर माहौल देने का निर्देश

डॉ. इरफान अंसारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कॉलेज एवं अस्पताल का संचालन सुचारु रूप से सुनिश्चित किया जाए। विद्यार्थियों और शिक्षकों को बेहतर माहौल मिले तथा परिसर में नियमित रूप से शैक्षणिक गतिविधियां संचालित हों।

उन्होंने कॉलेज से जुड़ी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने का भी निर्देश दिया।

बेहतर चिकित्सा शिक्षा के साथ स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने का लक्ष्य

सरकार के मुताबिक, प्रयास केवल बुनियादी ढांचे के विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि ऐसे चिकित्सा शिक्षण संस्थान विकसित करने पर जोर है जहां विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रशिक्षण मिल सके।

सरकार का मानना है कि शिक्षकों और जरूरी संसाधनों की उपलब्धता बढ़ने से विद्यार्थियों को बेहतर चिकित्सा शिक्षा मिलेगी और भविष्य में इसका लाभ राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को भी मिलेगा।

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