कभी जूते खरीदने के पैसे नहीं थे, आज IPL में छा गया बिहार का बेटा: शाकिब हुसैन की प्रेरक कहानी
कभी हालात ऐसे थे कि अगर जूते खरीद लिए जाते तो घर में खाने के पैसे नहीं बचते। लेकिन उसी संघर्ष से निकलकर बिहार के गोपालगंज का एक लड़का अब Indian Premier League जैसे बड़े मंच पर अपनी पहचान बना चुका है। नाम है—Shakib Hussain।
अपने डेब्यू मैच में ही शाकिब ने 4 विकेट लेकर सबको चौंका दिया और साबित कर दिया कि प्रतिभा किसी सुविधा की मोहताज नहीं होती।
IPL में बिहार के तीन सितारे
हैदराबाद और राजस्थान के बीच खेले गए मुकाबले में बिहार के तीन खिलाड़ी चर्चा में रहे—
Vaibhav Suryavanshi, Ishan Kishan और शाकिब हुसैन।
जहां एक तरफ ईशान किशन ने बल्लेबाजी से जलवा दिखाया, वहीं गेंदबाजी में शाकिब ने मैच का रुख बदल दिया।
पहला ही ओवर और बड़ा शिकार
डेब्यू मैच, बड़ा मंच और सामने अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी—लेकिन शाकिब पर इसका कोई दबाव नहीं दिखा।
उन्होंने अपने पहले ही ओवर में भारत के स्टार बल्लेबाज Yashasvi Jaiswal को आउट कर सबको हैरान कर दिया। यही वो पल था जब लोगों को एहसास हुआ कि बिहार की मिट्टी में कितना दम है।
गांव से IPL तक का सफर
शाकिब का सफर बेहद संघर्ष भरा रहा है। किसान परिवार से आने वाले शाकिब के लिए क्रिकेट सिर्फ एक शौक था, लेकिन धीरे-धीरे यही जुनून उनका करियर बन गया।
वे गांव में टेनिस बॉल से क्रिकेट खेलते थे और उनकी सटीक गेंदबाजी के कारण आसपास के गांवों में उनकी मांग बढ़ने लगी। एक मैच के लिए उन्हें 500 रुपये तक मिल जाते थे—जो उस समय उनके लिए बड़ी बात थी।
मां ने बेचे गहने, बेटे ने निभाया सपना
जब शाकिब को रणजी ट्रॉफी खेलने का मौका मिला, तब उनके पास जूते तक नहीं थे। घर की आर्थिक स्थिति इतनी खराब थी कि क्रिकेट का खर्च उठाना मुश्किल था।
ऐसे में उनकी मां ने अपने गहने बेच दिए ताकि बेटा अपना सपना पूरा कर सके। शाकिब ने भी इस भरोसे को टूटने नहीं दिया और शानदार प्रदर्शन कर आगे बढ़ते गए।
IPL तक पहुंचने की कहानी
साल 2023 में शाकिब को Chennai Super Kings ने नेट गेंदबाज के रूप में मौका दिया, जहां उन्होंने अपनी गेंदबाजी में नई विविधता (variation) जोड़ी।
इसके बाद 2024 में Kolkata Knight Riders ने उन्हें खरीदा, लेकिन खेलने का मौका नहीं मिला।
फिर 2025 में Sunrisers Hyderabad ने उन्हें अपनी टीम में शामिल किया और आखिरकार उन्हें मैदान पर उतरने का मौका मिला—जिसे उन्होंने पूरी तरह भुना लिया।
डेब्यू में ही मचाया धमाल
अपने पहले ही मैच में शाकिब ने 4 ओवर में 24 रन देकर 4 विकेट झटके। उन्होंने न सिर्फ यशस्वी जायसवाल जैसे बड़े खिलाड़ी को आउट किया, बल्कि मैच के अंत में खतरनाक बल्लेबाज को क्लीन बोल्ड कर टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई।
बिहार को कभी कम मत आंकिए
शाकिब हुसैन की कहानी सिर्फ एक खिलाड़ी की सफलता नहीं, बल्कि उन लाखों युवाओं की उम्मीद है जो छोटे गांवों से बड़े सपने देखते हैं।
यह कहानी बताती है कि अगर जुनून और मेहनत सच्ची हो, तो कोई भी सपना दूर नहीं होता।
निष्कर्ष:
गोपालगंज के गांव से निकलकर IPL तक का सफर तय करने वाले Shakib Hussain आज हर युवा के लिए प्रेरणा बन चुके हैं। उनकी कहानी यही कहती है—
“हालात चाहे जैसे हों, अगर हौसला बड़ा है तो मंजिल जरूर मिलेगी।”
