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नाबालिग से यौन शोषण के आरोप में गिरफ्तार सिविल सर्जन पर कार्रवाई की मांग, हेमंत सोरेन को सौंपा ज्ञापन

पीड़िता और परिवार की सुरक्षा की मांग, मुख्यमंत्री से मिले झामुमो नेता

Koderma Civil Surgeon Case: गिरफ्तार सिविल सर्जन के निलंबन की मांग, CM हेमंत सोरेन से मिले JMM नेता

कोडरमा: कोडरमा के सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार पर नाबालिग से यौन शोषण के आरोप के मामले में कार्रवाई की मांग तेज हो गई है। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के जिला प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात कर आरोपी सिविल सर्जन को निलंबित करने और पीड़िता तथा उसके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने नेमरा स्थित मुख्यमंत्री आवास पर इस संबंध में ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि हजारीबाग जिले की एक आदिवासी नाबालिग लड़की ने डॉ. अनिल कुमार पर यौन शोषण का आरोप लगाया है। मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने डॉक्टर को गिरफ्तार किया था। आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।

नाबालिग ने लगाया यौन शोषण का आरोप

झामुमो प्रतिनिधिमंडल की ओर से सौंपे गए ज्ञापन के अनुसार, पीड़िता अपनी मां के इलाज के लिए डॉ. अनिल कुमार के निजी क्लिनिक ‘आस्था’ गई थी। इसी दौरान वह डॉक्टर के संपर्क में आई। पीड़िता का आरोप है कि डॉक्टर ने उसे झांसे में लेकर कई बार उसका यौन शोषण किया।

ज्ञापन में यह भी दावा किया गया है कि आरोपी पर पहले भी इसी तरह के आरोप लगे थे। हालांकि, इन पुराने आरोपों और उनसे संबंधित दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं हो सकी है।

गिरफ्तारी के बाद निलंबन की मांग

प्रतिनिधिमंडल के अनुसार, पुलिस ने 10 अक्टूबर की रात उरवां स्थित एक फार्म हाउस से डॉ. अनिल कुमार को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद उन्हें थाने ले जाया गया और फिर जेल भेज दिया गया।

झामुमो नेताओं ने सवाल उठाया कि गिरफ्तारी के बाद भी स्वास्थ्य विभाग की ओर से निलंबन की कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने मुख्यमंत्री से मामले में तत्काल विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित करने का आग्रह किया।

ज्ञापन में कहा गया है कि ऐसे गंभीर आरोपों के मामले में विभागीय स्तर पर कार्रवाई में देरी होने से लोगों के बीच सवाल उठ रहे हैं।

पीड़िता और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग

झामुमो प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से पीड़िता और उसके माता-पिता की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि पीड़िता पर आरोपी पक्ष की ओर से दबाव बनाया जा रहा है। प्रतिनिधिमंडल के मुताबिक, पीड़िता और उसके माता-पिता भयभीत हैं।

ज्ञापन में बताया गया कि पीड़िता ने पहले ऑनलाइन प्राथमिकी दर्ज कराई थी, जिसके बाद कोडरमा महिला थाना में मामला दर्ज किया गया। पीड़िता का बयान बाल कल्याण समिति (CWC) के समक्ष भी दर्ज कराया गया है।

नेताओं ने पीड़िता की चिकित्सकीय जांच कोडरमा से बाहर किसी उच्च स्तरीय स्वास्थ्य केंद्र में कराने की मांग भी की, ताकि जांच की प्रक्रिया निष्पक्ष और सुरक्षित तरीके से पूरी हो सके।

प्रतिनिधिमंडल में शामिल रहे ये नेता

मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में झामुमो जिला अध्यक्ष वीरेंद्र पांडेय, पूर्व प्रत्याशी रवींद्र कुमार शांडिल्य, केंद्रीय समिति सदस्य संजय पांडेय, जिला उपाध्यक्ष अशोक कुमार और युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष मोहम्मद सद्दाम शामिल थे।

इसके अलावा अजीत भगत, चंद्रदेव यादव, वासुदेव यादव, राजेश यादव, दिलीप वर्मा, डोमचांच नगर पंचायत उपाध्यक्ष वीरेंद्र मेहता और कई अन्य पार्टी कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।

अब विभागीय कार्रवाई पर नजर

झामुमो नेताओं ने मुख्यमंत्री से आरोपी सिविल सर्जन के निलंबन, पीड़िता और उसके परिवार की सुरक्षा तथा चिकित्सकीय जांच की व्यवस्था सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। अब मामले में स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई और पुलिस जांच की आगे की प्रक्रिया पर नजर रहेगी।

महत्वपूर्ण: मामला आरोपों और जांच से जुड़ा है। आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों को न्यायिक रूप से सिद्ध तथ्य के रूप में नहीं माना जाना चाहिए।

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