CM Hemant Soren की याचिका पर 7 फरवरी को फैसला

रांची: मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों का सामना कर रहे CM Hemant Soren ने पीएमएलए (PMLA) कोर्ट में याचिका दाखिल कर खुद को निर्दोष बताया है और मामले से बरी करने की मांग की है। शुक्रवार को हुई आंशिक सुनवाई के बाद अदालत ने अगली तारीख तय कर दी है।

क्या है पूरा मामला?

आरोप: मामला रांची के बड़गाई अंचल की 8.46 एकड़ जमीन के अवैध हस्तांतरण और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है। ईडी का आरोप है कि इस जमीन पर अवैध कब्जा किया गया और रिकॉर्ड्स में हेरफेर की गई।

गिरफ्तारी और बेल: इसी मामले में ईडी ने 31 जनवरी 2024 को हेमंत सोरेन को गिरफ्तार किया था। लगभग 5 महीने जेल में रहने के बाद उन्हें हाई कोर्ट से जमानत मिली थी।

ताजा स्थिति: सोरेन ने 5 दिसंबर को डिस्चार्ज याचिका दायर की थी, जिसमें कहा गया है कि उनके खिलाफ कोई पुख्ता सबूत नहीं हैं।

कोर्ट की कार्यवाही के मुख्य बिंदु

7 फरवरी की तारीख: कोर्ट इस दिन सोरेन की डिस्चार्ज याचिका पर विस्तार से सुनवाई करेगा। यदि याचिका स्वीकार होती है, तो उन्हें बड़ी राहत मिलेगी, अन्यथा उन पर आरोप (Charges) तय किए जाएंगे।

अन्य आरोपी: इस केस में कुल 18 आरोपी हैं, जिनमें राजस्व निरीक्षक भानु प्रताप प्रसाद और अफसर अली जैसे लोग शामिल हैं।

11 फरवरी की सुनवाई: अन्य आरोपियों, जैसे शेखर प्रसाद महतो की डिस्चार्ज याचिका पर 11 फरवरी को सुनवाई होगी।

आगे क्या होगा?
यदि अदालत हेमंत सोरेन की याचिका को खारिज कर देती है, तो उन पर औपचारिक रूप से आरोप तय (Charge Frame) किए जाएंगे, जिसके बाद इस मामले का नियमित ट्रायल शुरू हो जाएगा। विधानसभा चुनाव में जीत के बाद मुख्यमंत्री के रूप में यह उनके लिए एक बड़ी कानूनी चुनौती है।

 

 

 

 

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