CP Radhakrishnan बने भारत के नए उपराष्ट्रपति, विपक्ष के उम्मीदवार को बड़े अंतर से हराया

एनडीए उम्मीदवार को मिले 452 वोट, विपक्ष के 15 वोट हुए अवैध घोषित

नई दिल्ली: CP Radhakrishnan भारत के 17वें उपराष्ट्रपति चुने गए हैं। मंगलवार को हुए चुनाव में उन्होंने विपक्षी गठबंधन इंडिया (INDIA) के उम्मीदवार जस्टिस बी. सुदर्शन रेड्डी को बड़े अंतर से हराया।

चुनाव में कुल 98.20% मतदान हुआ, जिसमें 788 में से 767 सांसदों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।

CP Radhakrishnan: जीत का मार्जिन और वोटिंग का गणित

मतगणना के बाद, राज्यसभा महासचिव पीसी मोदी ने परिणाम घोषित करते हुए बताया कि सीपी राधाकृष्णन को 452 प्रथम वरीयता वोट मिले, जबकि बी. सुदर्शन रेड्डी को 300 वोट प्राप्त हुए। खास बात यह है कि रेड्डी के खाते में आए 15 वोट अवैध माने गए। जीत के लिए 391 वोटों की जरूरत थी।

  • राधाकृष्णन को 452 वोट मिले, जो एनडीए सदस्यों की संख्या से 14 वोट ज्यादा हैं।
  • रेड्डी को 300 वोट मिले, जो कांग्रेस द्वारा दावा किए गए 315 वोटों से कम हैं।

CP Radhakrishnan: क्रॉस वोटिंग के संकेत

एनडीए के अलावा, वाईएसआरसीपी (YSRCP) जैसे कुछ दलों ने भी राधाकृष्णन का समर्थन किया था। इसके बावजूद, राधाकृष्णन को मिले 14 अतिरिक्त वोट क्रॉस वोटिंग का संकेत देते हैं।

दूसरी ओर, विपक्षी गठबंधन के उम्मीदवार सुदर्शन रेड्डी को 300 वोट ही मिल पाए, जबकि कांग्रेस ने अपने गठबंधन के 315 सांसदों के समर्थन का दावा किया था। इससे साफ जाहिर होता है कि विपक्षी खेमे में भी क्रॉस वोटिंग हुई है।

CP Radhakrishnan: चुनाव से दूर रहे दल

इस चुनाव से तीन प्रमुख दलों – बीजू जनता दल (बीजद), भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) और शिरोमणि अकासी दल (शिअद) – ने दूर रहने का फैसला किया था। इन तीनों दलों के पास कुल मिलाकर 12 सांसद हैं। इसके अलावा, अकाली दल (वारिस पंजाब दे) के सांसद सरबजीत सिंह खालसा और अमृतपाल सिंह ने भी चुनाव का बहिष्कार किया, जिससे कुल मतों की संख्या में 14 की कमी आई।

चुनाव में मतदान करने वाले दलों के बीच, मतदान 100% रहा।

 

 

 

 

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