झारखंड की राजनीति के शिखर पुरुष और झारखंड आंदोलन के प्रमुख चेहरा रहे Shibu Soren की तबीयत को लेकर चिंता लगातार गहराती जा रही है।
उम्र के इस पड़ाव पर जब उनका स्वास्थ्य गिरता नजर आ रहा है, तब पूरे राज्य के साथ-साथ राष्ट्रीय राजनीति में भी हलचल देखी जा रही है। ‘गुरुजी’ के नाम से मशहूर शिबू सोरेन पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे हैं, और अब उनके स्वास्थ्य को लेकर लगातार अपडेट सामने आ रहे हैं।
Shibu Soren राष्ट्रपति और केंद्रीय मंत्री ने की मुलाकात
शिबू सोरेन के स्वास्थ्य की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी जैसे शीर्ष नेता व्यक्तिगत रूप से उनसे मिलने पहुंचे। यह न सिर्फ मानवीय संवेदना को दर्शाता है, बल्कि शिबू सोरेन के राजनीतिक कद और योगदान को भी रेखांकित करता है। राष्ट्रपति मुर्मू, जो खुद झारखंड से आती हैं, ने गुरुजी के स्वास्थ्य की जानकारी ली और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। वहीं, नितिन गडकरी ने परिवार के सदस्यों से मुलाकात कर हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया।
Shibu Soren Health: हेमंत सोरेन ने दी स्वास्थ्य की जानकारी
शिबू सोरेन के बेटे और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मीडिया और सोशल मीडिया के माध्यम से पिता के स्वास्थ्य को लेकर एक भावुक अपडेट साझा किया। उन्होंने कहा कि “बाबूजी की तबीयत अब स्थिर है, लेकिन उम्र और बीमारी को देखते हुए डॉक्टरों की सतत निगरानी में रखा गया है। हम परिवार और समर्थकों से दुआओं की अपील करते हैं।” हेमंत ने यह भी स्पष्ट किया कि कोई भी अफवाह न फैलाएं, और सही जानकारी केवल परिवार या अधिकृत सूत्रों से ही लें।
Shibu Soren Health: पत्नी कल्पना और परिवार की भावनात्मक स्थिति
शिबू सोरेन की पत्नी कल्पना सोरेन और परिवार के अन्य सदस्य लगातार अस्पताल में मौजूद हैं। सूत्रों के अनुसार, कल्पना सोरेन पूरी तरह से शिबू जी की सेवा में लगी हैं और उनके साथ हर पल हैं। परिवार की ओर से भावनात्मक स्थिति बेहद गंभीर है, लेकिन सभी मिलकर गुरुजी के स्वास्थ्य में सुधार की उम्मीद कर रहे हैं।
Shibu Soren Soren: झारखंड में प्रार्थनाओं का दौर
शिबू सोरेन की तबीयत बिगड़ने की खबर के बाद पूरे झारखंड में उनके समर्थकों और आदिवासी समाज के बीच गहरी चिंता देखी जा रही है।देवघर, दुमका, साहिबगंज, और गढ़वा जैसे जिलों में विशेष प्रार्थना सभाएं आयोजित की जा रही हैं। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) कार्यकर्ताओं और नेताओं ने मंदिरों और पूजा स्थलों पर जाकर गुरुजी के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव
शिबू सोरेन सिर्फ एक नेता नहीं, बल्कि झारखंड की आत्मा हैं। उनके स्वास्थ्य को लेकर आई खबर ने आम जनमानस को झकझोर कर रख दिया है। उनकी जीवन यात्रा, संघर्ष, और जनहित में योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा है। शिबू सोरेन की तबीयत को लेकर चिंताएं जरूर हैं लेकिन दुआओं और चिकित्सकीय देखभाल के साथ सभी को उम्मीद है कि वे जल्द स्वस्थ होकर फिर से अपने प्रिय राज्य की सेवा में लौटेंगे। झारखंड की जनता, राजनीतिक जगत और पूरा देश उनकी लंबी उम्र की कामना कर रहा है।
