
राज्यसभा चुनाव: JMM की बड़ी बैठक, दोनों सीटों पर चुनाव लड़ने के संकेत; मंत्री हफीजुल हसन बोले- दोनों सीटों पर उतरेगी पार्टी
Ranchi: झारखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इसी बीच मुख्यमंत्री आवास में झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने की। बैठक के बाद पार्टी की ओर से ऐसे संकेत मिले हैं कि झामुमो राज्यसभा की दोनों सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार सकती है।
रांची के कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवास में आयोजित इस बैठक में झामुमो के मंत्री, विधायक और वरिष्ठ नेता शामिल हुए। बैठक का मुख्य एजेंडा आगामी राज्यसभा चुनाव 2026 की रणनीति तैयार करना और गठबंधन की राजनीतिक स्थिति पर चर्चा करना था।
बैठक में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विधायकों और मंत्रियों के साथ चुनावी समीकरणों पर विस्तार से चर्चा की और सभी नेताओं को एकजुट होकर चुनाव की तैयारी करने का संदेश दिया।
हफीजुल हसन का बड़ा बयान
बैठक से बाहर निकलने के बाद मंत्री हफीजुल हसन ने मीडिया से बातचीत में बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा राज्यसभा की दोनों सीटों पर चुनाव लड़ेगी। उनके इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
हफीजुल हसन के बयान को कांग्रेस और झामुमो के बीच चल रही सीट साझेदारी की चर्चाओं के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि पार्टी की ओर से अभी उम्मीदवारों के नामों को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
महागठबंधन के पास बहुमत
झारखंड में इस बार राज्यसभा की दो सीटों के लिए चुनाव होना है। विधानसभा के मौजूदा आंकड़ों के अनुसार महागठबंधन के पास स्पष्ट बहुमत है। इसके बावजूद उम्मीदवारों के चयन और सीटों के बंटवारे को लेकर राजनीतिक चर्चाएं लगातार जारी हैं।
विशेष रूप से कांग्रेस और झामुमो के बीच राज्यसभा सीट को लेकर चल रही बातचीत पर राजनीतिक गलियारों की नजर बनी हुई है। ऐसे में JMM की बैठक और उसके बाद हफीजुल हसन का बयान कई मायनों में अहम माना जा रहा है।
जल्द साफ हो सकती है तस्वीर
सूत्रों के अनुसार पार्टी नेतृत्व जल्द ही उम्मीदवारों के नामों को लेकर अंतिम निर्णय ले सकता है। फिलहाल झामुमो अपने विधायकों और नेताओं को एकजुट रखने के साथ-साथ चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देने में जुटी हुई है।
अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि झामुमो किन चेहरों पर दांव लगाता है और क्या महागठबंधन के भीतर सीटों को लेकर कोई नया राजनीतिक समीकरण उभरता है या फिर JMM अपने दम पर दोनों सीटों पर चुनावी मैदान में उतरती है।



