CM Hemant Soren की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक, 08 मई 2025 को लिए गए 45 अहम फैसले

रांची: CM Hemant Soren की अध्यक्षता में आज झारखंड मंत्रिपरिषद की बैठक का आयोजन हुआ, जिसमें राज्य हित से जुड़ी कई महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णय लिए गए।

कुल 45 प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई, जो राज्य के प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे और कल्याणकारी योजनाओं को नई दिशा देने वाले हैं।

राज्य कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए राहत:
सरकार ने राज्य कर्मियों एवं पेंशनधारियों को सातवें वेतन आयोग के तहत 1 जनवरी 2025 से महंगाई भत्ते की दरों में वृद्धि की स्वीकृति दी है। अब उन्हें 55 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिलेगा, जिससे हजारों कर्मचारियों और पेंशनधारियों को सीधा लाभ होगा।

स्वास्थ्य सेवाओं का डिजिटलीकरण:
राज्य सरकार ने अगले पांच वर्षों (2025-30) के लिए “मुख्यमंत्री डिजिटल हेल्थ योजना” को मंजूरी दी है, जिसका कुल बजट ₹299.30 करोड़ होगा। इस योजना के अंतर्गत सभी मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पतालों एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को Managed Wi-Fi एवं डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर से जोड़ा जाएगा।

नक्सल विरोधी नीति में बदलाव:
कुख्यात नक्सलियों और अपराधियों की गिरफ्तारी हेतु घोषित इनामी राशि की नीति में संशोधन को मंजूरी दी गई है। इससे उग्रवाद के खिलाफ अभियान को गति मिलने की उम्मीद है।

शिक्षा के क्षेत्र में सुधार:
राज्य के सरकारी विद्यालयों में स्थानांतरण नीति में संशोधन के साथ-साथ अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा एवं अल्पसंख्यक वर्ग के आश्रम विद्यालयों को 10+2 तक उत्क्रमित करने की मंजूरी दी गई। साथ ही राज्य के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में सुपर स्पेशलिटी विभागों के लिए 168 नए पदों और नेत्र संस्थान के लिए 103 पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई।

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महिलाओं और बच्चों के लिए ठोस कदम:
One Stop Centre योजना के अंतर्गत सात नए केंद्रों के संचालन की स्वीकृति दी गई है। साथ ही प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान (PM-JANMAN) के तहत 275 नए आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थापना का फैसला लिया गया।

प्रशासनिक और कानूनी सुधार:
VCIS पोर्टल के माध्यम से अब निगरानी प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। इसके अलावा राज्य पुलिस सेवा नियमावली-2012 में संशोधन, पुलिस ट्रेड संवर्ग नियमावली-2025 का गठन तथा विश्वविद्यालय अधिनियम में संशोधन जैसे कई प्रशासनिक फैसले लिए गए।

अन्य प्रमुख निर्णय:

इन निर्णयों को राज्य के विकास, सुशासन और सामाजिक कल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

 

 

 

 

 

 

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