
झारखंड राज्यसभा चुनाव में बड़ा ट्विस्ट! परिमल नथवानी की एंट्री से गरमाई सियासत, बीजेपी ने बुलाई विधायकों की आपात बैठक
रांची: झारखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक माहौल अचानक गर्म हो गया है। चुनावी समीकरणों के बीच उद्योगपति परिमल नथवानी के एक बार फिर राज्यसभा चुनाव मैदान में उतरने की चर्चा ने सियासी हलचल तेज कर दी है। सूत्रों के मुताबिक, नथवानी को भारतीय जनता पार्टी का समर्थन मिल सकता है, जिससे चुनाव मुकाबला और दिलचस्प हो गया है।
बीजेपी ने विधायकों को तत्काल रांची बुलाया
राजनीतिक घटनाक्रम के बीच भाजपा नेतृत्व पूरी तरह सक्रिय हो गया है। पार्टी ने अपने सभी विधायकों को तत्काल प्रभाव से रांची पहुंचने का निर्देश दिया है। जो विधायक फिलहाल राज्य से बाहर हैं, उन्हें भी सोमवार सुबह तक रांची पहुंचने को कहा गया है।
पार्टी के इस कदम को राज्यसभा चुनाव की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा अपने विधायकों को एकजुट रखने और चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देने में जुटी हुई है।
रात 10 बजे होगी विधायक दल की अहम बैठक
सूत्रों के अनुसार, रविवार रात 10 बजे भाजपा विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में राज्यसभा चुनाव को लेकर पार्टी की रणनीति, विधायकों की भूमिका और संभावित समर्थन को लेकर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है।
बैठक में शीर्ष नेताओं के साथ सभी विधायकों की मौजूदगी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। माना जा रहा है कि इसी बैठक में आगामी चुनावी रोडमैप पर अंतिम फैसला लिया जा सकता है।
परिमल नथवानी की उम्मीदवारी से बदले समीकरण
परिमल नथवानी के चुनाव मैदान में उतरने की संभावनाओं ने राज्यसभा चुनाव को नया मोड़ दे दिया है। अब तक मुकाबला अपेक्षाकृत सरल माना जा रहा था, लेकिन नथवानी की एंट्री से राजनीतिक दलों की रणनीति बदलती नजर आ रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भाजपा खुलकर उनके समर्थन में उतरती है, तो चुनावी गणित पूरी तरह बदल सकता है। ऐसे में वोटिंग के दिन क्रॉस वोटिंग और राजनीतिक प्रबंधन की भूमिका भी अहम हो सकती है।
राज्यसभा चुनाव पर बढ़ी सबकी नजर
झारखंड की दो राज्यसभा सीटों के लिए होने वाला यह चुनाव अब केवल एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं रह गया है। राजनीतिक दलों की सक्रियता और लगातार बदलते घटनाक्रम ने इसे राज्य की सबसे चर्चित राजनीतिक लड़ाई बना दिया है।
अब सभी की निगाहें भाजपा विधायक दल की बैठक और सोमवार को होने वाले नामांकन पर टिकी हैं, जहां से चुनावी तस्वीर और साफ हो सकती है।



