Bihar News: 13 फरवरी, 2026 बिहार की राजधानी पटना में एक छात्रा की संदिग्ध मौत ने राज्य की सियासत में भूचाल ला दिया है। फुलवारीशरीफ इलाके में हुई इस हृदयविदारक घटना की गूंज बिहार विधान परिषद में सुनाई दी, जहाँ विपक्षी दल राजद (RJD) ने नीतीश सरकार और विशेष रूप से उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को निशाने पर लिया। पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने इस मामले में सरकार की संवेदनहीनता और कानून-व्यवस्था की विफलताओं पर कड़ा प्रहार किया।
विधान परिषद में तीखी बहस और इस्तीफे की मांग- Bihar News
शून्यकाल के दौरान एमएलसी उर्मिला ठाकुर द्वारा उठाए गए इस मुद्दे पर सदन में भारी हंगामा हुआ। पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि यह कोई सामान्य हादसा नहीं, बल्कि एक छात्रा की निर्मम हत्या है। उन्होंने उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के उस पुराने वादे को याद दिलाया जिसमें उन्होंने कहा था कि “24 घंटे के भीतर अपराधी सलाखों के पीछे होगा, नहीं तो मैं इस्तीफा दे दूंगा।”
राबड़ी देवी ने सदन में गरजते हुए सवाल पूछा, “सम्राट चौधरी का वह 24 घंटे का वादा कहाँ गया? अब तक अपराधी क्यों नहीं पकड़े गए और डिप्टी सीएम ने अब तक इस्तीफा क्यों नहीं दिया?” उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार में अपराधियों के मन से पुलिस का खौफ खत्म हो चुका है और सरकार केवल खोखले दावों के जरिए अपनी नाकामी छिपाने का प्रयास कर रही है।
घटनाक्रम: कोचिंग गई छात्रा की संदिग्ध मौत- Bihar News
यह घटना गुरुवार की सुबह फुलवारीशरीफ थाना क्षेत्र के हरिनगर स्थित सुमित्रा हाइट अपार्टमेंट में हुई। 16 वर्षीय छात्रा, जो 12वीं की छात्रा थी, अपार्टमेंट की पहली मंजिल पर स्थित एक कोचिंग संस्थान में पढ़ने गई थी। परिजनों के अनुसार:
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संदिग्ध परिस्थितियां: छात्रा कोचिंग के लिए घर से निकली थी, लेकिन रहस्यमय तरीके से वह चौथी मंजिल की बालकनी तक पहुँच गई, जहाँ से वह नीचे गिर गई।
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लापरवाही: घटना के तुरंत बाद कोचिंग संचालक ने पुलिस को जानकारी नहीं दी। आनन-फानन में छात्रा को एम्स (AIIMS) ले जाया गया, जहाँ उसे मृत घोषित कर दिया गया।
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सीसीटीवी का खुलासा: जब परिजनों ने छात्रा के शरीर पर चोट के निशान देखे, तो उन्हें अनहोनी की आशंका हुई। अपार्टमेंट के सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर पता चला कि सीढ़ियों पर दो युवक छात्रा का पीछा कर रहे थे।
सड़क पर फूटा जनता का आक्रोश
हादसे के बाद पटना के एम्स गोलंबर इलाके में स्थिति तनावपूर्ण हो गई। छात्रा के परिजनों और स्थानीय लोगों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन किया। आक्रोशित लोगों ने टायर जलाकर आगजनी की और सरकार विरोधी नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि जब तक असली गुनहगारों की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक वे पीछे नहीं हटेंगे। भारी संख्या में पुलिस बल को स्थिति नियंत्रित करने के लिए तैनात करना पड़ा।
पुलिस जांच और एफएसएल की कार्रवाई
पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए अब तक चार संदिग्धों को हिरासत में लिया है। इनमें अपार्टमेंट का गार्ड, उस फ्लैट में काम कर रहा बढ़ई और दो अन्य युवक शामिल हैं जो फुटेज में दिखाई दे रहे थे।
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साक्ष्य संकलन: एफएसएल (FSL) की टीम ने गुरुवार शाम को ही घटनास्थल का मुआयना किया। पुलिस को चौथी मंजिल की उस बालकनी से छात्रा की चप्पल मिली है जहाँ से उसके गिरने की आशंका है।
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पोस्टमार्टम: शव को दोबारा पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि मौत गिरने से हुई है या गिरने से पहले उसके साथ कोई शारीरिक हिंसा की गई थी।
पटना में हुई इस घटना ने एक बार फिर से महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। विपक्ष इसे ‘जंगलराज’ की वापसी करार दे रहा है, वहीं सरकार का दावा है कि जांच पारदर्शी तरीके से चल रही है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा बिहार की राजनीति को और अधिक गरमा सकता है।
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