Bihar News: Bihar Public Service Commission की TRE-4 शिक्षक भर्ती वैकेंसी जारी करने की मांग को लेकर बुधवार को पटना में अभ्यर्थियों का प्रदर्शन फिर उग्र हो गया। प्रदर्शन शुरू होने से पहले ही पुलिस ने कई छात्र नेताओं और अभ्यर्थियों को हिरासत में ले लिया। इस दौरान महिला अभ्यर्थियों को भी पुलिस द्वारा घसीटकर ले जाने के वीडियो सामने आए, जिसके बाद विवाद और बढ़ गया। अभ्यर्थी जंजीर पहनकर प्रदर्शन करने पहुंचे थे और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रहे थे।
छात्र नेता रिंकल यादव हिरासत में: Bihar News
प्रदर्शन से पहले पुलिस ने छात्र नेता Rinkle Yadav को हिरासत में लिया। रिंकल यादव पटना यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनाव में अध्यक्ष पद के उम्मीदवार रह चुके हैं और उन्हें Tej Pratap Yadav का समर्थक माना जाता है। इसके अलावा छात्र नेता Khushboo Pathak को भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
महिला अभ्यर्थियों को घसीटने का आरोप: Bihar News
प्रदर्शन के दौरान महिला अभ्यर्थियों को पुलिसकर्मियों द्वारा जबरन गाड़ी तक ले जाने के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए। अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन को दबाने के लिए प्रशासन बल प्रयोग कर रहा है। एक महिला अभ्यर्थी ने कहा कि छात्रों के साथ अन्याय हो रहा है और उनकी आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है।
पटना कॉलेज इलाके में भारी पुलिस बल तैनात: Bihar News
प्रदर्शन को देखते हुए पटना कॉलेज के आसपास भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई। इलाके में वाटर कैनन वाहन भी लगाए गए थे। पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर थाने भेजा। अभ्यर्थियों का आरोप है कि उन्हें शांतिपूर्ण प्रदर्शन तक नहीं करने दिया जा रहा।
सवाल सुनते ही प्रेस कॉन्फ्रेंस से निकले शिक्षा मंत्री: Bihar News
इस बीच बिहार के शिक्षा मंत्री Mithilesh Tiwari बिहार बोर्ड कार्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में पहुंचे थे। कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों ने उनसे पूछा कि क्या छात्रों का प्रदर्शन करना गुनाह है? सवाल सुनते ही शिक्षा मंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस समाप्त कर दी और “धन्यवाद” कहकर वहां से निकल गए। हालांकि बाद में उन्होंने कहा कि सरकार TRE-4 को लेकर गंभीर है और जल्द भर्ती प्रक्रिया को लेकर सकारात्मक निर्णय सामने आएगा।
“आंदोलन के पीछे बाहरी लोगों का हाथ”: Bihar News
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने आरोप लगाया कि आंदोलन में बाहरी लोग शामिल होकर छात्रों को उकसा रहे हैं। उन्होंने अभ्यर्थियों से परीक्षा की तैयारी पर ध्यान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री Samrat Choudhary भी इस मुद्दे को लेकर संवेदनशील हैं और सरकार तेजी से प्रक्रिया पर काम कर रही है।
पहले भी हो चुका है लाठीचार्ज
इससे पहले 8 मई को भी TRE-4 अभ्यर्थियों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज किया था। उस दौरान कई छात्र घायल हुए थे और महिला अभ्यर्थियों के साथ बदसलूकी के आरोप भी लगे थे। अभ्यर्थियों का कहना है कि जब तक TRE-4 की वैकेंसी जारी नहीं होती, उनका आंदोलन जारी रहेगा।


