Bihar Assembly: बिहार विधान मंडल के बजट सत्र का चौथा दिन सदन में भारी हंगामे और तीखी नोक-झोंक का गवाह बना। राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के बीच जबरदस्त जुबानी जंग हुई। इस दौरान सीएम नीतीश ने न केवल तेजस्वी को “बच्चा” कहकर चुप कराया, बल्कि विपक्षी विधायकों को तोड़ने के आरोपों पर भी उन्हें कटघरे में खड़ा कर दिया।
“छह आदमियों को खींचने के लिए पैसा कहाँ से आया?”
बहस के दौरान जब तेजस्वी यादव ने सरकार के विकास दावों पर तंज कसा, तो नीतीश कुमार ने पलटवार करते हुए विधायकों की खरीद-फरोख्त का मुद्दा उठा दिया। उन्होंने तेजस्वी की ओर इशारा करते हुए कहा कि “अरे बैठो ना, अभी बच्चे हो। तुम्हारे बाप मेरे समय के हैं। तुमको हम बहुत मानते हैं, लेकिन तुम पहले की बात कुछ नहीं जानते हो। बताओ, उन छह विधायकों को अपनी तरफ खींचने के लिए कितना पैसा दिया था? वह पैसा कहाँ से लाया?” मुख्यमंत्री के इस सवाल पर सदन में जोरदार ठहाके लगे, वहीं विपक्षी सदस्य सन्न रह गए।
पुराने दौर की याद: “शाम को घर से बाहर नहीं निकलते थे लोग”
नीतीश कुमार ने राजद के शासनकाल पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले बिहार में डर का माहौल था। उन्होंने कहा:
- सुरक्षा का अभाव: “पहले आप लोगों का राज था तब लोग शाम को घर से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं करते थे। आप लोग भी खुद घर में दुबके रहते थे।”
- सांप्रदायिक तनाव: सीएम ने आरोप लगाया कि पहले हिंदू-मुस्लिम विवाद आम थे, लेकिन एनडीए सरकार ने राज्य में प्रेम और भाईचारे का माहौल बनाया।
- बुनियादी ढांचा: सड़क, बिजली और पानी की बदतर स्थिति को ठीक करने में उनकी सरकार ने दिन-रात मेहनत की है।
रोजगार और विकास का रिपोर्ट कार्ड
विपक्ष के हंगामे के बीच मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं:
- रोजगार: 2025 तक 50 लाख नौकरी और रोजगार देने का लक्ष्य पूरा किया गया है।
- शिक्षा: हर प्रखंड में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए उन्नत विद्यालय (मॉडल स्कूल) खोले जा रहे हैं।
- स्वास्थ्य: राज्य में बेहतर इलाज के लिए निजी अस्पतालों की स्थापना को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
- बिजली: पटना समेत पूरे बिहार में अब बिजली की समस्या बीते दौर की बात हो गई है।
सदन में आज की कार्यवाही के दौरान नीतीश कुमार काफी आक्रामक नजर आए। उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि वे विपक्ष के किसी भी आरोप को बिना जवाब दिए नहीं छोड़ेंगे। वहीं, तेजस्वी यादव ने भी सुशासन के दावों को खोखला बताते हुए सरकार को घेरने की कोशिश जारी रखी।



