
भागलपुर एनकाउंटर: अफसर हत्याकांड का मुख्य आरोपी रामधनी यादव ढेर, पुलिस पर फायरिंग के बाद मारा गया
भागलपुर
बिहार के भागलपुर में नगर परिषद कार्यालय में हुए सनसनीखेज हत्याकांड के मुख्य आरोपी रामधनी यादव को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया। हत्या के महज 12 घंटे के भीतर पुलिस की इस कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया है।
सरेंडर के बाद हथियार बरामदगी में हुआ एनकाउंटर
पुलिस के अनुसार, आरोपी रामधनी यादव ने गिरफ्तारी के डर से पहले सरेंडर किया था। इसके बाद पुलिस उसे हथियार बरामद करने के लिए ले जा रही थी।
इसी दौरान आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर पुलिस टीम पर अचानक फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोली चलाई, जिसमें रामधनी यादव गंभीर रूप से घायल हो गया।
उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
मुठभेड़ में तीन पुलिसकर्मी घायल
इस एनकाउंटर में DSP नवीन, इंस्पेक्टर परमेश्वर और इंस्पेक्टर मृत्यंजय घायल हुए हैं। सभी का इलाज जारी है।
करीब 15 मिनट तक चली इस मुठभेड़ में पुलिस ने एक अन्य आरोपी दीपक को गिरफ्तार किया है, जिस पर पहले भी हत्या के मामले दर्ज हैं।
क्या था पूरा मामला?
मंगलवार दोपहर भागलपुर के सुल्तानगंज नगर परिषद कार्यालय में अपराधियों ने घुसकर एग्जीक्यूटिव ऑफिसर कृष्णा भूषण की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
हमले में नगर परिषद के चेयरमैन राजकुमार गुड्डू भी गंभीर रूप से घायल हुए, जिनका इलाज जारी है।
टेंडर विवाद बना हत्या की वजह
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह वारदात टेंडर विवाद को लेकर हुई थी।
आरोपी रामधनी यादव, जो डिप्टी चेयरमैन का पति बताया जा रहा है, टेंडर को लेकर चेयरमैन से नाराज था और इसी वजह से हमले की साजिश रची गई।
CCTV में कैद हुई पूरी वारदात
घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है, जिसमें अपराधी मजदूर के वेश में कार्यालय में घुसते और अचानक फायरिंग करते दिख रहे हैं।
एग्जीक्यूटिव ऑफिसर ने हमलावरों का सामना करने की कोशिश की, लेकिन उन्हें गोली मार दी गई।
CM का ऐलान: 25 लाख की मदद
घटना के बाद मुख्यमंत्री ने मृतक अधिकारी के परिवार को ₹25 लाख की आर्थिक सहायता देने और राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कराने की घोषणा की है।
सियासत भी गरमाई
इस घटना के बाद बिहार की राजनीति भी गरमा गई है। विपक्ष ने कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार पर सवाल उठाए हैं।
निष्कर्ष:
भागलपुर हत्याकांड के बाद त्वरित पुलिस कार्रवाई में मुख्य आरोपी का एनकाउंटर होना राज्य की कानून-व्यवस्था पर बहस को और तेज कर रहा है।


