रांची: झारखंड के नेता प्रतिपक्ष Babulal Marandi ने रविवार को हेमंत सोरेन सरकार पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है। उन्होंने सरकार पर धर्म और जाति देखकर युवाओं के साथ भेदभाव करने का गंभीर आरोप लगाया। मरांडी ने कहा कि राज्य में वोटबैंक की राजनीति के चलते असली प्रतिभाओं का गला घोंटा जा रहा है।
मेडल लाने वाली बेटी को नहीं मिला सम्मान
बाबूलाल मरांडी ने धनबाद के बाघमारा निवासी एथलीट अनु कुमारी का मुद्दा जोर-शोर से उठाया। उन्होंने कहा कि अनु ने चीन में आयोजित पेंटाथलॉन/लेज़र रन में कांस्य पदक जीतकर देश और राज्य का नाम रोशन किया था। सरकार ने उसे नौकरी और इनामी राशि देने की बड़ी घोषणाएं की थीं, लेकिन हकीकत यह है कि आज तक उसे न नौकरी मिली और न ही पुरस्कार राशि। उन्होंने कहा कि सरकार आदिवासी, मूलवासी, दलित और पिछड़े परिवारों की बेटियों का हक मार रही है।
‘हिजाब वालों पर मेहरबान सरकार’
तुष्टिकरण का आरोप लगाते हुए मरांडी ने एक विवादित बयान भी दिया। उन्होंने कहा, “यदि कोई हिजाब या नकाब पहनने वाला हो, तो हेमंत सोरेन की सरकार उसे 3 लाख रुपये प्रति महीने की नौकरी ऑफर कर देती है। लेकिन जब झारखंड की अपनी बेटी हक मांगती है, तो उसे नजरअंदाज कर दिया जाता है।”
‘बजरंग दल कार्यकर्ताओं का क्रेडिट चुरा रही सरकार’
मरांडी ने हाल ही में बरामद हुए अपहृत बच्चों के मामले का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बच्चों को खोजने वाले युवा (सचिन और डब्लू) बजरंग दल के कार्यकर्ता हैं, लेकिन सरकार अपनी नाकामी छिपाने के लिए उनका क्रेडिट चुरा रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि रेप जैसे जघन्य अपराध के आरोपी अगर खास समुदाय के हों, तो सरकार उन्हें मुआवजा देती है, जो शर्मनाक है।



