
झारखंड के युवाओं का कमर्शियल पायलट बनने का सपना अब राज्य में ही पूरा हो सकेगा। झारखंड सरकार ने दुमका एयरपोर्ट स्थित झारखंड फ्लाइंग इंस्टीट्यूट में कमर्शियल पायलट ट्रेनिंग शुरू करने की तैयारी पूरी कर ली है। पहले बैच में कुल 30 सीटों पर दाखिला होगा, जिनमें 15 छात्रों को 100 प्रतिशत सरकारी स्कॉलरशिप दी जाएगी।
सरकार का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली युवाओं को महंगी पायलट ट्रेनिंग का अवसर उपलब्ध कराना है।
पहले बैच में 30 सीटें, 15 को पूरी स्कॉलरशिप
पहले बैच में 30 सीटें निर्धारित की गई हैं।
- 15 सीटें – 100% सरकारी स्कॉलरशिप
- 15 सीटें – सेल्फ फाइनेंस (स्व-वित्तपोषित)
स्कॉलरशिप वाली सीटों के लिए झारखंड संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद (JCECEB) प्रवेश परीक्षा आयोजित करेगा। वहीं सेल्फ फाइनेंस सीटों पर वही अभ्यर्थी आवेदन कर सकेंगे जिन्होंने DGCA के कम से कम चार पेपर पास किए हों।
कौन कर सकता है आवेदन?
स्कॉलरशिप केवल झारखंड के स्थायी निवासियों को मिलेगी। पात्रता की प्रमुख शर्तें:
- 12वीं में फिजिक्स, मैथ्स और इंग्लिश विषय होना अनिवार्य।
- तीनों विषयों में अलग-अलग कम से कम 50% अंक।
- कुल मिलाकर 50% अंक आवश्यक।
- आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को 5% अंकों की छूट।
- परिवार की वार्षिक आय 12 लाख रुपये या उससे कम।
उम्र और मेडिकल योग्यता
- न्यूनतम आयु: 17 वर्ष
- लंबाई: 158 से 185 सेंटीमीटर
- प्रवेश के समय DGCA Class-II मेडिकल सर्टिफिकेट अनिवार्य।
कैसे होगा चयन?
1. लिखित परीक्षा
- कुल 150 बहुविकल्पीय प्रश्न
- विषय:
- इंग्लिश
- मैथ्स
- फिजिक्स
- रीजनिंग
- करंट अफेयर्स
- नेगेटिव मार्किंग नहीं होगी।
2. साइकोमेट्रिक एवं पायलट एप्टीट्यूड टेस्ट
इस चरण में उम्मीदवार की मानसिक क्षमता और पायलट बनने की योग्यता का आकलन किया जाएगा।
3. इंटरव्यू
- 50 अंकों का इंटरव्यू।
- लिखित परीक्षा और इंटरव्यू के कुल 350 अंकों के आधार पर मेरिट सूची तैयार होगी।
वेटिंग लिस्ट भी बनेगी
15 चयनित उम्मीदवारों के अलावा 15 अभ्यर्थियों की वेटिंग लिस्ट भी तैयार की जाएगी। यदि कोई सीट खाली रहती है तो वेटिंग लिस्ट से प्रवेश दिया जाएगा।
आवेदन शुल्क
- सामान्य वर्ग: ₹12,000
- SC/ST/BC-I/BC-II/EWS: कोई आवेदन शुल्क नहीं।
आरक्षण के अनुसार सीटों का वितरण
- सामान्य – 7
- अनुसूचित जनजाति (ST) – 4
- अनुसूचित जाति (SC) – 1
- अत्यंत पिछड़ा वर्ग (BC-I) – 1
- पिछड़ा वर्ग (BC-II) – 1
- आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) – 1
स्कॉलरशिप नहीं मिली तो भी मिलेगा मौका
जो अभ्यर्थी स्कॉलरशिप सूची में चयनित नहीं होंगे, वे सेल्फ फाइनेंस श्रेणी के तहत प्रवेश ले सकेंगे। इसके लिए DGCA के चार पेपर पास होना अनिवार्य होगा।
झारखंड के युवाओं के लिए बड़ी पहल
अब तक राज्य के छात्रों को पायलट बनने के लिए दूसरे राज्यों के महंगे फ्लाइंग स्कूलों का सहारा लेना पड़ता था। दुमका में फ्लाइंग इंस्टीट्यूट शुरू होने और 100% स्कॉलरशिप योजना लागू होने से अब आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के प्रतिभाशाली युवाओं को भी कमर्शियल पायलट बनने का अवसर मिलेगा।



