
Ranchi: झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के केंद्रीय महासचिव विनोद कुमार पांडेय ने भारत निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर कड़ा प्रहार किया है।
देश को चूना लगाने वाले चूना आयोग का भाजपा कनेक्शन क्या है?
लोकतंत्र का चीरहरण करने वाला चूना आयोग किसके निर्देश पर संविधान को ठेंगा दिखा रहा है? pic.twitter.com/eMpu9CKPy5
— Jharkhand Mukti Morcha (@JmmJharkhand) September 23, 2026
द इंडियन एक्सप्रेस की एक हालिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार को तत्काल पद से हटाने की मांग की है। पांडेय ने कहा कि आयोग तीन सदस्यीय संवैधानिक संस्था है, किसी एक व्यक्ति का निजी दफ्तर नहीं।
10 महीने में 14 लिखित आपत्तियां: JMM
पांडेय ने कहा कि रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार ऐसे फैसलों पर लिखित आपत्ति दर्ज कराई, जिनकी उन्हें पहले से कोई सूचना नहीं थी। उन्होंने सवाल उठाया कि जब दो आयुक्तों की अनदेखी कर फैसले लिए जा रहे हैं, तो आयोग की स्वायत्तता और निष्पक्षता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
मतदाता सूची और एसआईआर प्रक्रिया पर सवाल
झामुमो नेता ने मतदाता सूची पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया, सॉफ्टवेयर के केंद्रीकरण और तकनीकी खामियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र, बिहार और पश्चिम बंगाल में इस प्रक्रिया की आड़ में बड़ी संख्या में पात्र मतदाताओं के नाम हटाए गए। उन्होंने जोर देकर कहा कि मताधिकार किसी का विशेषाधिकार नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक अधिकार है।
सुप्रीम कोर्ट से संज्ञान लेने की अपील: JMM
विनोद पांडेय ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाते हुए सुप्रीम कोर्ट से इस पूरे मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की। उन्होंने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता बचाए रखने के लिए सीईसी को देश के सामने स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
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