
जमुई की घटना पर कांग्रेस का हमला, राकेश सिन्हा बोले- ‘बेटी बचाओ’ का नारा बहुत हुआ, अब सुरक्षा का हिसाब दें
रांची: बिहार के जमुई में कोचिंग से लौट रहे नाबालिग छात्र-छात्रा को रास्ते में रोककर मारपीट और छात्रा के साथ कथित बदसलूकी की घटना को लेकर झारखंड प्रदेश कांग्रेस ने बिहार सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस के प्रदेश मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने घटना को गंभीर बताते हुए बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से इस्तीफे की मांग की है।
जमुई की घटना से कानून-व्यवस्था पर सवाल
राकेश सिन्हा ने कहा कि जमुई की घटना ने बिहार की कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सड़क पर नाबालिग छात्रा के साथ इस तरह की घटना होना सरकार के सुरक्षा संबंधी दावों पर सवाल उठाता है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि मुख्यमंत्री को केवल बयान देने के बजाय घटना की जिम्मेदारी लेते हुए प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए।
‘बेटी बचाओ’ अभियान पर कांग्रेस का सवाल
राकेश सिन्हा ने भाजपा के ‘बेटी बचाओ’ और ‘नारी शक्ति’ अभियानों का जिक्र करते हुए कहा कि यदि बेटियां सड़कों पर सुरक्षित नहीं हैं तो ऐसे नारों का क्या अर्थ रह जाता है।
उन्होंने कहा कि महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा केवल भाषण और पोस्टर तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उसका असर जमीन पर भी दिखाई देना चाहिए।
अन्य घटनाओं का भी किया जिक्र
कांग्रेस नेता ने दिल्ली में नाबालिग लड़की से जुड़े कथित दुष्कर्म और हत्या के मामले का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं और नाबालिगों के खिलाफ अपराध के मामलों में सरकारों को राजनीतिक बयानबाजी के बजाय प्रभावी कार्रवाई और जवाबदेही सुनिश्चित करनी चाहिए।
निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग
राकेश सिन्हा ने कहा कि अपराधी किसी भी दल, जाति या समुदाय से जुड़ा हो, उसके खिलाफ कानून का निष्पक्ष तरीके से इस्तेमाल होना चाहिए। उन्होंने पीड़ित परिवारों को समय पर न्याय दिलाने और जांच में किसी तरह के राजनीतिक हस्तक्षेप से बचने की मांग की।
कांग्रेस ने जमुई की घटना में निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की है।



