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मुख्य सूचना आयुक्त की नियुक्ति को लेकर बाबूलाल ने CM हेमंत सोरेन को लिखा पत्र

मुख्य सूचना आयुक्त की नियुक्ति के लिए तत्काल बैठक बुलाएं, बाबूलाल मरांडी ने CM हेमंत सोरेन को लिखा पत्र

रांची: झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर राज्य के मुख्य सूचना आयुक्त की नियुक्ति की प्रक्रिया जल्द पूरी करने का आग्रह किया है। उन्होंने मुख्यमंत्री से संबंधित चयन समिति की बैठक तत्काल बुलाने और राज्य सूचना आयोग में लंबित अपीलों एवं शिकायतों की सुनवाई शुरू कराने की मांग की है।

बाबूलाल मरांडी ने अपने पत्र में कहा है कि सूचना आयुक्तों की नियुक्ति को लेकर मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में वह और मंत्री हफीजुल हसन भी मौजूद थे। उनके अनुसार, उस बैठक में उन्होंने मुख्य सूचना आयुक्त की नियुक्ति के संबंध में जानकारी मांगी थी और मुख्यमंत्री की ओर से जल्द नियुक्ति का आश्वासन दिया गया था।

सूचना आयुक्तों की नियुक्ति के बाद भी मुख्य सूचना आयुक्त का पद लंबित

बाबूलाल मरांडी का कहना है कि सूचना आयुक्तों की नियुक्ति के बावजूद मुख्य सूचना आयुक्त की नियुक्ति अब तक नहीं हुई है। उनके अनुसार, इसके चलते आयोग में अपीलों और शिकायतों की सुनवाई का कामकाज शुरू नहीं हो पाया है।

उन्होंने पत्र में कहा कि बड़ी संख्या में नागरिक अपनी अपीलों और शिकायतों की सुनवाई का इंतजार कर रहे हैं। ऐसे में आयोग के पूरी तरह कार्यशील नहीं होने से सूचना के अधिकार से जुड़े मामलों के निपटारे में देरी हो सकती है।

झारखंड सरकार के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, जुलाई 2026 में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन नए नियुक्त सूचना आयुक्तों के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए थे।

नियुक्ति की अनुशंसा पर सहमति का किया उल्लेख

बाबूलाल मरांडी ने पत्र में कहा है कि मुख्यमंत्री के आश्वासन पर भरोसा करते हुए उन्होंने सूचना आयुक्तों की नियुक्ति संबंधी अनुशंसा पर अपनी सहमति दी थी और हस्ताक्षर किए थे।

उन्होंने कहा कि यदि उन्हें पहले यह जानकारी होती कि मुख्य सूचना आयुक्त की नियुक्ति लंबित रहेगी और आयोग का कामकाज शुरू नहीं होगा, तो वह उस समय हस्ताक्षर नहीं करते।

हाईकोर्ट में चली जनहित याचिका का भी किया जिक्र

नेता प्रतिपक्ष ने पत्र में सूचना आयोग से संबंधित हाईकोर्ट में चली जनहित याचिका का भी उल्लेख किया है। उनका दावा है कि सरकार की ओर से नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने के आश्वासन के आधार पर उस मामले का निपटारा हुआ था।

बाबूलाल ने सवाल उठाया कि यदि आयोग को पूरी तरह सक्रिय करने के लिए नागरिकों को दोबारा अदालत का रुख करना पड़े और लंबी न्यायिक प्रक्रिया से गुजरना पड़े, तो इसके लिए जिम्मेदारी किसकी होगी।

तत्काल बैठक बुलाने की मांग

बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि मुख्य सूचना आयुक्त के चयन के लिए संबंधित समिति की बैठक अविलंब बुलाई जाए, नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी की जाए और राज्य सूचना आयोग में अपीलों तथा शिकायतों की नियमित सुनवाई शुरू कराना सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने मुख्यमंत्री से इस पूरी प्रक्रिया की स्पष्ट समयसीमा से उन्हें अवगत कराने का भी आग्रह किया है।

अब मुख्य सूचना आयुक्त की नियुक्ति को लेकर सरकार की ओर से आगे क्या कदम उठाया जाता है, इस पर नजर रहेगी।

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