रांची। Jharkhand Bandh: JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित धांधली को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 11 अगस्त को पूरे राज्य में ‘झारखंड बंद’ की घोषणा की है।
कल 11 अगस्त को भाजपा द्वारा झारखंड बंद का आह्वान…
JPSC एवं JSSC परीक्षाओं में धांधली के खिलाफ पिछले 16 दिनों से शांतिपूर्ण सत्याग्रह कर रहे छात्रों ने विधानसभा घेराव का आह्वान किया था।
इस दौरान पुलिस द्वारा छात्रों पर लाठीचार्ज एवं आंसू गैस के इस्तेमाल की कार्रवाई निंदनीय है।… pic.twitter.com/V1lrliueuo
— BJP JHARKHAND (@BJP4Jharkhand) August 10, 2026
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने प्रदेश कार्यालय में आयोजित एक संयुक्त प्रेस वार्ता के दौरान हेमंत सरकार के रवैये पर कड़ा प्रहार किया।
Jharkhand Bandh: सुबह 8 बजे से ठप रहेगा राज्य, आवश्यक सेवाएं रहेंगी चालू
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने बताया कि 11 अगस्त को सुबह 8 बजे से पूरे राज्य में बंद प्रभावी रहेगा। बंद के दौरान आम जनजीवन और व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहेंगे, हालांकि एंबुलेंस और स्वास्थ्य सेवाओं जैसी आपातकालीन सुविधाओं के साथ-साथ श्रावणी मेले में जा रहे कांवरियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाएगा।
आदित्य साहू ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि पिछले 17 दिनों से 14वीं JPSC PT परीक्षा सहित पिछले 7 वर्षों की सभी भर्ती परीक्षाओं की CBI जांच की मांग कर रहे छात्रों पर सरकार ने बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज कराया है। उन्होंने राहुल गांधी और कांग्रेस से भी इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करने या सरकार से समर्थन वापस लेने की मांग की।
Jharkhand Bandh: ‘पूर्व अध्यक्ष खियांग्ते की गिरफ्तारी महज दिखावा’: बाबूलाल मरांडी
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार की जांच एजेंसियों की मंशा पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते की CID द्वारा की गई गिरफ्तारी महज एक छलावा और औपचारिकता है। सरकार समय पर चार्जशीट दाखिल न करके आरोपी को जमानत दिलाने का रास्ता साफ कर देगी।
मरांडी ने JSSC-CGL, PGT, सहायक आचार्य और उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा में हुई गड़बड़ियों का हवाला देते हुए कहा कि यदि मुख्यमंत्री निर्दोष हैं और पारदर्शी व्यवस्था चाहते हैं, तो उन्हें बिना किसी विलंब के पूरे मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंप देनी चाहिए।

