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संसद में परिसीमन पर बढ़ी हलचल: विशेष सत्र की चर्चा, राहुल-प्रियंका से रिजिजू की बैठक; विपक्ष का जोरदार प्रदर्शन

परिसीमन बिल पर सरकार बुला सकती है विशेष सत्र, राहुल-प्रियंका से रिजिजू की 50 मिनट चर्चा

संसद में परिसीमन पर बढ़ी हलचल, विशेष सत्र की चर्चा तेज; रिजिजू ने राहुल-प्रियंका से की मुलाकात, विपक्ष का प्रदर्शन जारी

New Delhi: संसद के मानसून सत्र के बीच परिसीमन (Delimitation) को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, केंद्र सरकार 16 से 18 अगस्त के बीच परिसीमन से जुड़े मुद्दे पर संसद का विशेष सत्र बुलाने पर विचार कर सकती है। हालांकि, इस संबंध में अभी तक सरकार की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

इसी बीच केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने संसद भवन में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा से करीब 50 मिनट तक मुलाकात कर परिसीमन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। बताया जा रहा है कि सरकार ने इस विषय पर संसद में सहयोग की अपील की, जबकि कांग्रेस ने पहले अन्य मुद्दों पर चर्चा की मांग दोहराई।

विपक्ष का संसद परिसर में प्रदर्शन

बुधवार को विपक्षी दलों के सांसदों ने संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई विपक्षी नेताओं ने गांधी प्रतिमा से मकर द्वार तक मार्च निकालकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

विपक्ष ने 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर छात्रों पर कथित लाठीचार्ज और राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मुद्दे को उठाते हुए गृह मंत्री अमित शाह से संसद में जवाब देने की मांग की। विरोध प्रदर्शन के दौरान विपक्षी सांसदों ने प्रतीकात्मक रूप से दानपेटी रखकर भी सरकार पर निशाना साधा।

विशेष सत्र को लेकर अटकलें

सूत्रों के मुताबिक, सरकार परिसीमन से जुड़े विधायी प्रस्तावों पर चर्चा के लिए विशेष सत्र बुलाने की संभावना पर विचार कर रही है। हालांकि, इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

गौरतलब है कि इससे पहले अप्रैल 2026 में भी तीन दिवसीय विशेष सत्र बुलाया गया था, जिसमें संविधान संशोधन से जुड़े कुछ विधेयकों पर चर्चा हुई थी। हालांकि, सभी प्रस्तावित विधेयक पारित नहीं हो सके थे।

FCRA संशोधन विधेयक पर भी नजर

सरकारी सूत्रों के अनुसार, संसद के मौजूदा सत्र में विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम (FCRA) संशोधन विधेयक भी चर्चा के लिए आ सकता है। माना जा रहा है कि इस दौरान गृह मंत्री अमित शाह सदन में जवाब दे सकते हैं। विपक्ष लगातार उनकी अनुपस्थिति और विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की मांग कर रहा है।

सरकार और विपक्ष आमने-सामने

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार हर विषय पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष संसद की कार्यवाही नहीं चलने देना चाहता। वहीं विपक्ष का कहना है कि जब तक छात्रों के आंदोलन, कथित लाठीचार्ज और अन्य मुद्दों पर सरकार जवाब नहीं देती, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।

संसद के मानसून सत्र के बीच परिसीमन, FCRA संशोधन और विपक्ष के विरोध को लेकर सियासी माहौल लगातार गर्म बना हुआ है। आने वाले दिनों में विशेष सत्र और संसद की कार्यवाही को लेकर केंद्र सरकार की रणनीति पर सभी की नजर रहेगी।

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