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CM हेमंत सोरेन के हस्तक्षेप से ओमान में फंसी सिमडेगा की प्रीति कुजूर की सुरक्षित घर वापसी

प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा के लिए सरकार प्रतिबद्ध

मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप से ओमान में फंसी सिमडेगा की प्रीति कुजूर की सुरक्षित घर वापसी, 2 अगस्त को पहुंचेगी झारखंड

 

रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश के बाद ओमान (मस्कट) में फंसी झारखंड के सिमडेगा जिले की प्रवासी श्रमिक प्रीति कुजूर की सुरक्षित घर वापसी सुनिश्चित हो गई है। श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग के अंतर्गत संचालित राज्य प्रवासी श्रमिक नियंत्रण कक्ष ने भारतीय दूतावास (मस्कट) के सहयोग से पूरी प्रक्रिया पूरी कराई। प्रीति कुजूर 1 अगस्त को भारत के लिए रवाना हो चुकी हैं और 2 अगस्त को अपने घर झारखंड पहुंचेंगी।

 

सोशल मीडिया पर मामला आने के बाद सीएम ने दिए तत्काल निर्देश

 

बताया गया कि सोशल मीडिया के माध्यम से मामला सामने आने के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इसे गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद राज्य प्रवासी श्रमिक नियंत्रण कक्ष ने मामले को प्रोटेक्टर ऑफ एमिग्रेंट्स (POE), रांची और भारतीय दूतावास, मस्कट के समक्ष उठाया। दूतावास ने 24 जून को प्रीति कुजूर से संपर्क कर आवश्यक प्रक्रिया शुरू की।

 

नौकरी का झांसा देकर ओमान भेजी गई थीं

 

सिमडेगा जिले के ठेठईटांगर प्रखंड के मरारोमा गंझूटोली निवासी प्रीति कुजूर को मार्च 2026 में एक एजेंट ने दुबई में ₹45 से 50 हजार मासिक वेतन का लालच देकर विदेश भेजा था। लेकिन उन्हें धोखे से ओमान भेज दिया गया, जहां उनसे ₹23 से 25 हजार मासिक वेतन पर काम कराया गया। भारत लौटने की इच्छा जताने पर कंपनी ने भारी रकम की मांग की। परिजनों द्वारा करीब ₹1.92 लाख देने के बावजूद उन्हें वापस नहीं भेजा गया।

 

बातचीत के बाद कम हुई राशि, लौटाए गए दस्तावेज

 

कंपनी प्रबंधन पहले अनुबंध अवधि पूरी होने से पहले वापसी के लिए 950 ओमानी रियाल की मांग कर रहा था। भारतीय दूतावास और राज्य प्रवासी श्रमिक नियंत्रण कक्ष के हस्तक्षेप के बाद यह राशि घटाकर 600 ओमानी रियाल कर दी गई। निर्धारित राशि जमा होने के बाद कंपनी ने प्रीति कुजूर का पासपोर्ट और अन्य आवश्यक दस्तावेज वापस कर दिए, जिसके बाद उनकी भारत वापसी का रास्ता साफ हो गया।

 

प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा के लिए सरकार प्रतिबद्ध

 

राज्य सरकार ने कहा है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में देश और विदेश में कार्यरत झारखंड के प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा सरकार की प्राथमिकता है। किसी भी आपात स्थिति में राज्य प्रवासी श्रमिक नियंत्रण कक्ष लगातार सहायता उपलब्ध करा रहा है।

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