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रांची में अपराध का ग्राफ गिरा: हत्या, लूट, दुष्कर्म और महिला अपराध के मामलों में कमी, पुलिस रिपोर्ट में दावा

पिछले 18 महीनों के आंकड़ों में अपराध नियंत्रण के सकारात्मक संकेत मिले हैं।

झारखंड की राजधानी रांची में अपराध के मामलों में कमी आने का दावा किया गया है। झारखंड पुलिस मुख्यालय के आंकड़ों के विश्लेषण के अनुसार, पिछले 18 महीनों की तुलना में हत्या, छिनतई, चोरी, गृहभेदन, वाहन चोरी, दुष्कर्म और छेड़खानी जैसे कई अपराधों में गिरावट दर्ज की गई है। पुलिस का कहना है कि लगातार अभियान, निगरानी और सक्रिय पुलिसिंग का असर अब आंकड़ों में भी दिखाई देने लगा है।

कुल अपराधों में कमी का दावा

पुलिस मुख्यालय के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार—

  • 1 जनवरी 2025 – 30 जून 2025: 1,495 मामले दर्ज
  • 1 जुलाई 2025 – 31 दिसंबर 2025: 1,525 मामले दर्ज
  • 1 जनवरी 2026 – 20 जून 2026: 1,233 मामले दर्ज (रिपोर्ट के अनुसार)

नोट: उपलब्ध प्रेस सामग्री में कुल मामलों की संख्या 233 लिखी गई है, जबकि अन्य श्रेणियों के आंकड़ों से यह संख्या मेल नहीं खाती। रिपोर्ट के संदर्भ में यह संभवतः टाइपिंग त्रुटि प्रतीत होती है।

किन अपराधों में आई कमी?

छिनतई

  • जनवरी–जून 2025: 103
  • जुलाई–दिसंबर 2025: 91
  • जनवरी–20 जून 2026: 64

चोरी

  • जनवरी–जून 2025: 295
  • जुलाई–दिसंबर 2025: 299
  • जनवरी–20 जून 2026: 242

गृहभेदन

  • जनवरी–जून 2025: 221
  • जुलाई–दिसंबर 2025: 202
  • जनवरी–20 जून 2026: 176

वाहन चोरी

  • जनवरी–जून 2025: 610
  • जुलाई–दिसंबर 2025: 719
  • जनवरी–20 जून 2026: 546

छेड़खानी

  • जनवरी–जून 2025: 63
  • जुलाई–दिसंबर 2025: 44
  • जनवरी–20 जून 2026: 34

दुष्कर्म

  • जनवरी–जून 2025: 127
  • जुलाई–दिसंबर 2025: 108
  • जनवरी–20 जून 2026: 105

हत्या

  • जनवरी–जून 2025: 76
  • जुलाई–दिसंबर 2025: 62
  • जनवरी–20 जून 2026: 66

महिला अपराध में कमी का दावा

रिपोर्ट के अनुसार, छेड़खानी के मामलों में लगभग 50 प्रतिशत तक कमी दर्ज की गई है। दुष्कर्म के मामलों में भी पहले की तुलना में गिरावट का दावा किया गया है।

पुलिस की रणनीति का असर

पुलिस मुख्यालय का मानना है कि लगातार गश्त, अपराधियों के खिलाफ अभियान, तकनीकी निगरानी और त्वरित कार्रवाई के कारण राजधानी में अपराध नियंत्रण में सकारात्मक परिणाम देखने को मिल रहे हैं। हालांकि, हत्या जैसे कुछ गंभीर अपराधों में उतार-चढ़ाव अभी भी बना हुआ है।

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