
झारखंड के गोड्डा जिले के लालमटिया निवासी देवगन मरांडी ने अपनी पहली अंतरराष्ट्रीय प्रोफेशनल MMA (मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स) फाइट में शानदार प्रदर्शन करते हुए नेपाल के खिलाड़ी को महज 17 सेकंड में नॉकआउट कर इतिहास रच दिया। इस दमदार जीत के साथ उन्होंने न केवल झारखंड बल्कि पूरे देश का नाम रोशन किया।
कोलकाता में आयोजित प्रोफेशनल MMA प्रतियोगिता में भारत और नेपाल के खिलाड़ियों के बीच हुए मुकाबले में 65 किलोग्राम फेदरवेट वर्ग में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे देवगन मरांडी का सामना नेपाल के सुनील पहन से हुआ। मुकाबला शुरू होते ही देवगन ने आक्रामक अंदाज अपनाया और केवल 17 सेकंड में प्रतिद्वंद्वी को नॉकआउट कर मुकाबला अपने नाम कर लिया। प्रतियोगिता में उन्होंने 11-3 के स्कोर से शानदार जीत दर्ज की।
गांव लौटने पर हुआ भव्य स्वागत
ऐतिहासिक जीत के बाद जब देवगन मरांडी अपने पैतृक गांव लालमटिया पहुंचे तो ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों, फूल-मालाओं और जयकारों के साथ उनका जोरदार स्वागत किया। स्थानीय लोगों ने कहा कि देवगन ने साबित कर दिया कि गांव की प्रतिभाएं भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का परचम लहरा सकती हैं।
दीपिका पांडेय सिंह ने दी बधाई
झारखंड सरकार की ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने सोशल मीडिया पर देवगन मरांडी को बधाई देते हुए कहा कि उनकी उपलब्धि पूरे झारखंड और देश के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने देवगन के उज्ज्वल भविष्य और निरंतर सफलता की कामना की।
पहली इंटरनेशनल फाइट बनी यादगार
जीत के बाद देवगन मरांडी ने कहा कि यह उनकी पहली अंतरराष्ट्रीय प्रोफेशनल फाइट थी और इसे यादगार बनाने की उन्होंने पूरी कोशिश की। तीन मिनट के मुकाबले को 17 सेकंड में समाप्त करना उनके लिए बेहद खास अनुभव रहा। उन्होंने कहा कि उनका सपना भारत के लिए लगातार मेडल जीतना और देश का नाम विश्व स्तर पर ऊंचा करना है।
अब बेंगलुरु में अगली चुनौती
देवगन ने बताया कि अगले महीने बेंगलुरु में आयोजित होने वाली एक बड़ी प्रोफेशनल MMA प्रतियोगिता में वह हिस्सा लेंगे। इसके लिए उन्होंने अभी से विशेष प्रशिक्षण शुरू कर दिया है और उनका लक्ष्य लगातार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करना है।
युवाओं के लिए बने प्रेरणा
देवगन मरांडी की उपलब्धि ने गोड्डा सहित पूरे झारखंड में खुशी का माहौल बना दिया है। उनकी सफलता इस बात का उदाहरण है कि मेहनत, समर्पण और सही अवसर मिलने पर गांव का युवा भी विश्व स्तर पर अपनी पहचान बना सकता है।



