
ऊर्जा निगम घोटाला: 56.5 करोड़ का खेल, घड़ी कंपनी तक पहुंचा पैसा
रांची: झारखंड में ऊर्जा निगम से जुड़े करोड़ों रुपये के घोटाले में जांच तेज हो गई है। अब तक की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है कि 56.5 करोड़ रुपये अवैध तरीके से निकालकर अलग-अलग निजी खातों में ट्रांसफर किए गए।
घड़ी कंपनी तक पहुंचा पैसा
जांच एजेंसियों के मुताबिक:
- करीब 20 लाख रुपये दिल्ली की एक घड़ी कंपनी M/s Watch Group के खाते में भेजे गए
- यह खाता सिटी बैंक, वेस्ट पंजाबी बाग (नई दिल्ली) में संचालित है
- कंपनी अंतरराष्ट्रीय ब्रांड्स जैसे Rado, Tissot, Longines और Omega की घड़ियों का कारोबार करती है
➡️ इस लेन-देन को संदिग्ध मानते हुए संबंधित बैंक खाता फ्रीज कर दिया गया है।
फर्जी कंपनियों का जाल
SIT जांच में सामने आया है कि:
- पैसे को शेल कंपनियों के जरिए घुमाया गया
- जिन कंपनियों के नाम सामने आए:
- हरेश ट्रेडर्स
- अशोक इलेक्ट्रॉनिक
- राजीव टेक्सटाइल
- आदर्श डीलर्स
👉 इससे संकेत मिलता है कि यह सिर्फ गबन नहीं, बल्कि संगठित मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क हो सकता है।
पहले से दर्ज हैं बड़े केस
- इस मामले से जुड़े 107 करोड़ रुपये की फर्जी निकासी के दो केस पहले ही दर्ज हो चुके हैं
- जांच अब CID के हाथ में है
- मामले की जांच के लिए SIT का गठन किया गया था
ED भी जांच में जुटी
इस हाई-प्रोफाइल घोटाले में अब Enforcement Directorate भी मनी लॉन्ड्रिंग एंगल से जांच कर रही है।
👉 अब तक:
- बैंक अधिकारियों समेत कई आरोपी गिरफ्तार
- कई खातों की जांच जारी
- ट्रांजैक्शन ट्रेल खंगाला जा रहा है
क्यों है मामला गंभीर?
- सरकारी पैसे का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग
- निजी खातों और कंपनियों के जरिए रकम का ट्रांसफर
- बहु-स्तरीय फर्जी नेटवर्क का संकेत
निष्कर्ष
ऊर्जा निगम घोटाला अब सिर्फ फर्जी निकासी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राष्ट्रीय स्तर के वित्तीय अपराध का रूप लेता दिख रहा है। आने वाले दिनों में और बड़े नाम सामने आ सकते हैं।



