बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है क्योंकि भारतीय जनता पार्टी (BJP) बिहार में अपने विधायक दल के नेता का चुनाव करने की तैयारी कर रही है, जो राज्य के अगले मुख्यमंत्री होंगे। इस महत्वपूर्ण चुनाव के लिए, बीजेपी संसदीय बोर्ड ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया है।
शिवराज सिंह चौहान की अहम भूमिका: BJP
शिवराज सिंह चौहान को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है कि वे बीजेपी विधायक दल की बैठक में नेता के चुनाव की प्रक्रिया को देखें। हालांकि, अभी तक बैठक की तारीख घोषित नहीं की गई है, लेकिन माना जा रहा है कि यह जल्द ही होगी।
संभावित मुख्यमंत्री उम्मीदवारों पर चर्चा: BJP
कई नामों पर चर्चा चल रही है, लेकिन सम्राट चौधरी का नाम सबसे आगे है। उनके अलावा, विजय कुमार सिन्हा, संजय जायसवाल, दिलीप जायसवाल, रेणू देवी, रमा निषाद, श्रेयसी सिंह, संजीव चौरसिया, और जनक राम जैसे नेताओं के नाम भी संभावित सूची में हैं। हालांकि, पप्पू यादव जैसे कुछ नेताओं का मानना है कि बीजेपी चौंकाने वाले फैसले करने में माहिर है और उन नामों को सीएम नहीं बनाएगी जिनकी चर्चा हो चुकी है।
नीतीश कुमार का इस्तीफा और नई सरकार का गठन: BJP
यह भी खबरें हैं कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 14 अप्रैल को अपने कैबिनेट की बैठक के बाद मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं। इसके बाद नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू होगी। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और अमित शाह के बीच हुई मुलाकात में भी बिहार में सीएम फेस और नई सरकार के स्वरूप पर मंथन हुआ था।
नीतीश कुमार से मुलाकातें
उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा ने हाल ही में नीतीश कुमार से मुलाकात की थी। कई अन्य मंत्रियों और अधिकारियों ने भी मुख्यमंत्री आवास पर उनसे मुलाकात की, जिससे यह संकेत मिलता है कि नई सरकार के गठन की समीक्षा की जा रही है। मंत्री विजय कुमार चौधरी ने बताया कि सीएम कौन बनेगा यह बीजेपी को तय करना है, लेकिन इसमें नीतीश कुमार की भावना का पूरा ख्याल रखा जाएगा। बिहार की जनता और राजनीतिक गलियारों में यह सवाल गूंज रहा है कि राज्य का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा। अगली घोषणा तक यह उत्सुकता बनी रहेगी।



