राँची | Jharkhand के करोड़ों बिजली उपभोक्ताओं के लिए कल यानी बुधवार, 25 मार्च का दिन बेहद महत्वपूर्ण होने वाला है।
झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग (JSERC) वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नई बिजली दरों की घोषणा करने जा रहा है। कयास लगाए जा रहे हैं कि राज्य में बिजली की दरें 10 प्रतिशत तक महंगी हो सकती हैं।
Jharkhand News: निगम की 59% बढ़ोत्तरी की मांग पर कैंची चलने के आसार
झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (JBVNL) ने आयोग के समक्ष बिजली दरों में 59 प्रतिशत तक की भारी-भरकम वृद्धि का प्रस्ताव रखा था। निगम की दलील थी कि परिचालन खर्चों को पूरा करने के लिए दरों में बड़ा इजाफा जरूरी है।
निगम का प्रस्तावित रेट कार्ड:
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शहरी घरेलू दर: ₹6.85 से बढ़ाकर ₹10.30 प्रति यूनिट।
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ग्रामीण घरेलू दर: ₹6.70 से बढ़ाकर ₹10.20 प्रति यूनिट।
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फिक्स्ड चार्ज: इसमें भी भारी बढ़ोतरी का सुझाव दिया गया था।
हालांकि, सूत्रों के अनुसार नियामक आयोग जनता पर एकमुश्त इतना बड़ा बोझ डालने के पक्ष में नहीं है। संभावना जताई जा रही है कि आयोग केवल 10% के आसपास की सीमित बढ़ोतरी को ही हरी झंडी देगा।
राहत की खबर: 200 यूनिट फ्री बिजली पर असर नहीं
महंगाई की आशंकाओं के बीच राहत की बात यह है कि राज्य सरकार की 200 यूनिट मुफ्त बिजली योजना प्रभावी बनी रहेगी।
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इसका मतलब है कि जिन उपभोक्ताओं की मासिक खपत 200 यूनिट से कम है, उन पर नई दरों का कोई वित्तीय प्रभाव नहीं पड़ेगा।
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मध्यम और बड़े घरेलू उपभोक्ताओं, जिन्हें इस सीमा से अधिक बिजली की आवश्यकता होती है, उन्हें बढ़ा हुआ बिल चुकाना पड़ सकता है।
कल दोपहर तक आयोग की आधिकारिक घोषणा के बाद यह साफ हो जाएगा कि शहरी, ग्रामीण और औद्योगिक क्षेत्रों के लिए प्रति यूनिट दर क्या होगी। चुनाव और जनता की जेब को देखते हुए आयोग संतुलित फैसला ले सकता है।
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