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 Tejashwi Yadav का बड़ा हमला: “व्लादिमीर पुतिन बनना चाहते हैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी”

पटना | राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनने के बाद  Tejashwi Yadav ने अपने पहले बड़े सार्वजनिक कार्यक्रम में केंद्र और बिहार की एनडीए सरकार के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। जननायक कर्पूरी ठाकुर की पुण्यतिथि के अवसर पर पटना के बापू सभागार में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में तेजस्वी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तुलना रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से कर दी।

पुतिन से तुलना और लोकतंत्र पर प्रहार-  Tejashwi Yadav

तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि देश की संवैधानिक संस्थाओं को सोची-समझी रणनीति के तहत कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने कहा:

  • सत्ता का मोह: “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी पुतिन की राह पर चल रहे हैं। पुतिन की तरह वे भी हमेशा के लिए प्रधानमंत्री बने रहना चाहते हैं और शायद आने वाले दिनों में उनकी मंशा चुनाव कराने की भी न रहे।”

  • संवैधानिक नींव: उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यह देश गांधी, अंबेडकर और कर्पूरी ठाकुर के आदर्शों पर टिका है। यहाँ लोकतंत्र की जड़ें इतनी गहरी हैं कि कोई भी तानाशाही सोच सफल नहीं होगी।

100 दिनों का ‘मौन’ खत्म: अब होगा हिसाब-  Tejashwi Yadav

बिहार की मौजूदा सरकार पर हमला बोलते हुए तेजस्वी ने अपने द्वारा दिए गए 100 दिनों के अल्टीमेटम की याद दिलाई।

  • अंतिम 4 दिन: तेजस्वी ने कहा कि उन्होंने शपथ ग्रहण के बाद 100 दिनों तक सरकार के खिलाफ न बोलने का संकल्प लिया था, जिसके अब केवल 4 दिन बाकी हैं।

  • रोजगार और वादों पर घेरा: “20 फरवरी के बाद मैं सरकार से एक-एक चीज का हिसाब लूंगा। युवाओं को रोजगार और महिलाओं को ₹1.90 लाख देने के वादे का क्या हुआ? हम चुप नहीं बैठने वाले।”

RJD को फिर बनाएंगे ‘राष्ट्रीय पार्टी’

पार्टी के भविष्य और विस्तार को लेकर तेजस्वी ने कार्यकर्ताओं में जोश भरा। उन्होंने संकल्प लिया कि राजद को फिर से राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा दिलाएंगे।

  1. संगठन विस्तार: उन्होंने संकेत दिए कि वे बिहार के बाहर भी अन्य राज्यों में पार्टी के संगठन को मजबूत करेंगे और आगामी विधानसभा चुनावों में भागीदारी करेंगे।

  2. कर्पूरी ठाकुर के ‘असली वारिस’: तेजस्वी ने कहा कि लालू प्रसाद यादव जननायक कर्पूरी ठाकुर के सच्चे राजनीतिक उत्तराधिकारी हैं और उन्होंने अब यह सामाजिक न्याय की जिम्मेदारी तेजस्वी के कंधों पर सौंपी है।

कार्यकारी अध्यक्ष की कमान संभालने के बाद तेजस्वी यादव का यह आक्रामक अंदाज साफ संकेत दे रहा है कि आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति में सरगर्मी बढ़ने वाली है। बजट सत्र के तुरंत बाद राजद की नई रणनीति जमीन पर दिखाई दे सकती है।

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