
रांची में विकास कार्यों पर DC सख्त, BDO-CO को जनसमस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश
Ranchi: रांची जिले में सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों को गति देने के साथ आम लोगों की समस्याओं के जल्द समाधान को लेकर जिला प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। समाहरणालय के ब्लॉक-ए स्थित एनआईसी सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने जिले के सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों (BDO) और अंचल अधिकारियों (CO) को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए।
उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी तरह की लापरवाही या अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।
BDO-CO नियमित रूप से कार्यालय में रहें
बैठक में उपायुक्त ने जन-केंद्रित प्रशासन को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उन्होंने सभी BDO और CO को अपने-अपने प्रखंड एवं अंचल कार्यालयों में नियमित रूप से उपस्थित रहने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि आम जनता अपनी समस्याओं को लेकर प्रशासन तक पहुंचती है। ऐसे में अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि वे लोगों की शिकायतों को गंभीरता से सुनें और उनका त्वरित एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करें।
उपायुक्त ने अधिकारियों को जमीनी स्तर पर लोगों से सीधे संवाद स्थापित करने पर भी जोर दिया।
सरकारी योजनाओं और विकास परियोजनाओं की समीक्षा
समीक्षा बैठक में केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। इसके अलावा जिले में प्रस्तावित और निर्माणाधीन महत्वपूर्ण परियोजनाओं तथा भवन निर्माण कार्यों की स्थिति पर भी चर्चा हुई।
बैठक के दौरान विकास परियोजनाओं के लिए आवश्यक भूमि की उपलब्धता में आ रही समस्याओं की भी जानकारी ली गई।
भूमि मामलों को लंबित नहीं रखने का निर्देश
उपायुक्त ने भूमि से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि भूमि विवाद या भूमि उपलब्धता से संबंधित मामलों को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखा जाना चाहिए। भूमि से जुड़ी अड़चनों के कारण महत्वपूर्ण निर्माण कार्य और बुनियादी ढांचा परियोजनाएं प्रभावित न हों, इसके लिए संबंधित अधिकारियों को समय पर कार्रवाई करने को कहा गया।
विकास कार्यों में शिथिलता पर प्रशासन की नजर
समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देशों से स्पष्ट है कि जिला प्रशासन सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और विकास परियोजनाओं की प्रगति को लेकर गंभीर है।
प्रखंड और अंचल स्तर पर अधिकारियों की उपस्थिति, जनसमस्याओं के समाधान, सरकारी योजनाओं की निगरानी और भूमि संबंधी मामलों के निपटारे पर अब विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं।



