
रांची |Raghubar Das: झारखंड के शहरी निकाय चुनावों के प्रचार ने अब जोर पकड़ लिया है। भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने राजधानी रांची सहित राज्य के विभिन्न शहरी क्षेत्रों में बदहाल बुनियादी सुविधाओं को लेकर वर्तमान सरकार पर निशाना साधा है।
पार्टी का दावा है कि सरकार अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए दलगत आधार के बजाय गैर-दलीय आधार पर चुनाव करा रही है।
मूलभूत सुविधाओं का अभाव और ‘फंड’ की चपत: Raghubar Das
भाजपा नेता Raghubar Das (ओडिशा के राज्यपाल एवं पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास या संबंधित वरिष्ठ नेता) ने सरकार की घेराबंदी करते हुए कई गंभीर आरोप लगाए:
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वंचित राजधानी: उन्होंने कहा कि रांची राज्य की राजधानी है, फिर भी यहां के लोग पानी, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। विगत वर्षों में शहरी क्षेत्रों के विकास की पूरी तरह अनदेखी की गई है।
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5100 करोड़ का नुकसान: उन्होंने बताया कि निकाय चुनाव 2022 से ही लंबित थे। इस देरी के कारण झारखंड के शहरी क्षेत्र केंद्र सरकार से मिलने वाले लगभग 5100 करोड़ रुपये के विकास अनुदान से वंचित रह गए।
हार के डर से गैर-दलीय चुनाव: Raghubar Das
भाजपा ने चुनाव की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार ने जानबूझकर इस बार दलीय आधार पर चुनाव नहीं कराए।
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भरोसे का संकट: पार्टी का मानना है कि सरकार को यह डर था कि यदि चुनाव सिंबल पर हुए तो जनता की नाराजगी सीधे तौर पर सामने आ जाएगी।
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प्रचार बनाम हकीकत: श्री दास ने कहा कि वर्तमान सरकार केवल झूठ और प्रचार के सहारे चल रही है, जबकि जमीनी हकीकत इसके उलट है। गांव से लेकर शहर तक की जनता सरकार की कार्यशैली से त्रस्त हो चुकी है।
रांची में ‘बिस्किट छाप’ की लहर?
रांची नगर निगम के लिए भाजपा समर्थित उम्मीदवार रोशनी खलखो के पक्ष में माहौल बनाते हुए पार्टी ने जीत का दावा किया:
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युवा नेतृत्व: श्रीमती रोशनी खलखो को एक ‘युवा, जुझारू और ऊर्जावान’ उम्मीदवार के रूप में पेश किया जा रहा है।
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जनता का उत्साह: कार्यकर्ताओं के बीच बढ़ते उत्साह का हवाला देते हुए भाजपा ने कहा कि रांची की जनता ने अपने उज्ज्वल भविष्य के लिए क्रम संख्या 6 पर स्थित ‘बिस्किट छाप’ को चुनने का मन बना लिया है।
निकाय चुनाव के इस चरण में भाजपा ने ‘विकास बनाम भ्रष्टाचार’ और ‘सुविधा बनाम अनदेखी’ को मुख्य चुनावी मुद्दा बनाया है। रांची की मेयर सीट और पार्षद पदों के लिए होने वाला यह मुकाबला अब पूरी तरह से प्रतिष्ठा की जंग बन चुका है।



